गौ तस्करी में मारे गए दो बांग्लादेशी समेत 3 तस्कर, BSF के जवानों पर लोहे की रॉड और डंडों से किया था हमला

पश्चिम बंगाल : शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में सीमा क्षेत्र के पास सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने मुठभेड़ में दो संदिग्ध बांग्लादेशी तस्करों को मार गिराया.

जानकारी मिली है कि बीएसएफ के बॉर्डर पर गौ तस्करी की सूचना मिली थी. कहा गया कि कुछ बांग्लादेश के गौ तस्कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गौ तस्करी कर रहे हैं.

हालांकि जब BSF को इस बात का पता चला तो सबसे पहले उन्होंने उसे वापस जाने की चेतावनी दी. लेकिन तस्कर नहीं माने और उन्होंने जवानों पर हमला कर दिया.

जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में BSF के जवानों ने भी गोली चलाई और तीन तस्करों को ढेर कर दिया.

बताया जा रहा है कि इस मुठभेड़ में BSF के जवानों को भी काफी चोटें आई हैं. सबसे पहले तस्करों ने उनपर लोहे की रॉड और लाठियों से हमला किया था जिसके बाद अपनी जान बचाने और चोट से बचने के लिए बीएसएफ जवानों को फायरिंग करनी पड़ी.

मारे गए गौ तस्करों में दो बांग्लादेश के हैं जबकि तीसरा तस्कर पश्चिम बंगाल का है।

बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाया जाना है वजह– टीएमसी

वहीं टीएमसी के स्थानीय विधायक जगदीश बसुनिया ने आरोप लगाया है कि बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने की वजह से ये घटना हुई.

दरअसल भारत-बांग्लादेश सीमा पर पहले भी तस्करी होती आई है. पिछले साल नवंबर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ भी हुआ था.

तस्करी में कथित सरगना इनामुल हक की गिरफ्तारी हुई. इस तस्करी के तार यूथ तृणमूल कांग्रेस के जनरल सेक्रेट्री नेता विनय मिश्रा तक पहुंचे.

31 दिसंबर 2020 को कोलकाता में विनय मिश्रा के खिलाफ पशु तस्करी और अवैध कोयला खनन के मामले में तलाशी अभियान भी चलाया गया था.

विनय मिश्रा के खिलाफ जांच एजेंसी ने लुक आउट सर्कुलर जारी किया था. लेकिन सर्कुलर नोटिस के बाद विनय मिश्रा फरार हो गया।