March 19, 2020

तीन दिन के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट और इसकी लखनऊ पीठ को किया गया बंद

लखनऊ : इलाहाबाद हाईकोर्ट और इसकी लखनऊ बेंच को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सतर्कता बरतते हुए तीन दिन के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता के तहत हाईकोर्ट व लखनऊ खंडपीठ में 19, 20 व 21 मार्च को अवकाश घोषित कर दिया गया है।

इन तीन दिनो के कार्य को पूरा करने के लिए हाईकोर्ट में एक दिन अप्रैल माह में यानी कि चार अप्रैल को और ग्रीष्मावकाश के शुरुआती दो दिन यानी कि एक व दो जून को न्यायिक कार्य के लिए खोला जाएगा।

कोरोना के प्रभाव की रोकथाम के लिए गठित कमेटी की संस्तुति पर मुख्य न्यायाधीश ने प्रशासनिक समिति के सभी जजों से वार्ता के बाद हाईकोर्ट तीन दिन के लिए बंद करने के निर्णय को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

जानकारों का कहना है कि इन तीन दिनों के दौरान हाईकोर्ट के परिसरों (प्रधान पीठ व लखनऊ बेंच) को पूरी तरह सेनेटाइज किया जाएगा। प्रत्येक अनुभाग, चैंबरों व न्याय कक्षों को पूरी तरह सेनाटाइज किया जाएगा ।

इस कारण इन तीन दिनों तक हाईकोर्ट के कर्मचारियों की भी छुट्टी रहेगी और कार्यालय भी केवल सेनेटाइजेशन के लिए खुलेंगे। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव जेबी सिंह के अनुसार प्रशासन के इस आदेश के अनुक्रम में फोटो एफिडेविट सेंटर भी इन तीन दिनों तक (19, 20 व 21 मार्च) बंद रहेगा।

हाईकोर्ट का एक कर्मचारी मिला बुखार से पीड़ित जिसे भेजा गया घर

इंडोनेशिया से वापस लौटे एक हाईकोर्ट कर्मचारी को तेज बुखार से पीड़ित पाए जाने पर उनको घर भेज दिया गया। हाईकोर्ट के एक सेक्शन में कार्यरत सहायक समीक्षा अधिकारी इंडोनेशिया गए थे।

बताया जाता है कि उन्हें सिर्फ बुखार ही था। इंडोनेशिया से लौटने के बाद एयरपोर्ट पर उनकी चिकित्सा जांच हुई थी और वह पूरी तरह स्वस्थ पाए गए थे। लेकिन जब बुखार होने की जानकारी अनुभाग में दी तो उन्हें रजिस्ट्रार के समक्ष ले जाया गया, जहां से उन्हें घर भेज दिया गया।

सहायक समीक्षा अधिकारी व उनके परिवारीजनों को एहतियातन मेडिकल परीक्षण कराने की सलाह भी दी गई है। साथ ही उनके अनुभाग व जहां वह गए थे ऐहतियातन पूरी तरह सेनेटाइज कराया गया।