वायरस का भंडार हैं अमेजन के जंगल, अंधाधुंध कटाई से फैल सकते हैं नये वायरस

एजेंसी : वैज्ञानिकों ने अमेजन के जंगलों की अंधाधुंध कटाई को लेकर चेतावनी दी है उन्होंने कहा है कि अमेजन का जंगल वायरस का भंडार है. दुनिया के सामने अगली महामारी अमेजन के वर्षा वन से आ सकती है. 

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे जंगली जानवरों के रहने की जगह पर हमला हो रहा है. जिसका आने वाले दिनों में खतरनाक असर देखने को मिल सकता है.

वैज्ञानिकों के मुताबिक अमेजन के जंगलों की बेतहाशा कटाई ना सिर्फ धरती के लिए हानिकारक है बल्कि इंसानी स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदेह है. 

दुनिया का सबसे बड़ा वर्षा वन खतरनाक स्तर तक तेजी से गायब हो रहा है. पिछले साल 10 हजार स्कवॉयर किलोमीटर से ज्यादा ब्राजील में अमेजन के जंगलों की कटाई देखी गई. इस साल भी यही रुजहान देखने को मिल रहा है.

ब्राजील की कैंपिनस यूनिर्सिटी में पढ़ानेवाले लपोला का मानना है कि जब पारिस्थितिक असमानता होती है तब कोई वायरस जानवरों से इंसानों में प्रवेश कर जाता है.

उनके मुताबिक ऐसा HIV, इबोला और डेंगू के मामलों में देखा जा चुका है. ये सभी सामने आए वायरस पारिस्थितिक असमानता के कारण बड़े पैमाने पर फैले.

पारिस्थितिकी तंत्र पर शोधकर्ताओं का कहना है कि शहरीकरण से जूनोटिक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. जूनोटिक बीमारी में जानवर बीमार नहीं होते बल्कि इंसानों को मरीज बनाने की क्षमता होती है.

इसका मतलब ये हुआ कि संक्रमण जानवरों से इंसानों तक फैलेगा. जिसमें नया कोरोना वायरस भी शामिल है. जिसके बारे में वैज्ञानिकों का अनुमान है कि असल में ये इंसानों से पहले चमगाड़ में फैला. उसके बाद चीन के वुहान में संक्रमण ने विकराल रूप धारण कर लिया.

लपोला का कहना है कि अबतक बीमारी का प्रकोप दक्षिण एशिया और अफ्रीका महादेश में केंद्रित था. जिसका संबंध चमगादड़ों की विशेष प्रजाति से जोड़ा गया.

मगर अमेजन की शानदार जैव विविधता क्षेत्र को दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना वायरस का ठिकाना बना सकती है. उनकी सलाह है कि समाज और वर्षा वन के बीच संबंध को फिर से गढ़ा जाए.