October 31, 2020

अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा-ना करें भारत की यात्रा, भारत को डाला पाक-सीरिया की श्रेणी में

एजेंसी : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती भले ही नए आयाम कायम कर रही हो लेकिन इस कोरोना महामारी के बीच में जब भारत का पर्यटन उद्योग कराह रहा है तो ट्रंप प्रशासन ने एक कड़ा कदम उठाते हुए अपने नागरिकों को भारत न आने की सलाह दी है.

अमेरिका ने इस एडवाइजरी के लिए स्पष्ट वजह नहीं बताई है लेकिन इस तरह की सलाह सिर्फ आतंकवाद, गृहयुद्ध, संगठित अपराध और महामारी जैसे कारणों से ही दी जाती है.

बता दें कि अमेरिका ने भारत की यात्रा के लिए रेटिंग 4 निर्धारित की है, जोकि सबसे खराब मानी जाती है. इसी रेटिंग में अमेरिका ने युद्धग्रस्‍त सीरिया, आतंकवाद के केंद्र पाकिस्‍तान, ईरान, इराक और यमन जैसे देशों को रखा हुआ है.

भारत के लिए इस एडवाइजरी का कारण बढ़ते कोरोना के केस बताए जा रहे हैं. माना जा रहा है के इसी के मद्देनज़र ट्रंप प्रशासन ने नागरिकों को भारत की यात्रा न करने की सलाह दी है.

अमेरिकी एजेंसियों का मानना है की कोरोना के आलावा भारत में अपराध और आतंकवाद में तेजी आई है. इस एडवाइजरी में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और उग्रवाद को भी यात्रा न करने के कारणों में शामिल किया गया है.

हालांकि इंडियन टूरिज्‍म एंड हॉस्पिटलटी संघ ने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि वे अमेरिका सरकार से ट्रेवल एडवाइजरी को बदलने के लिए दबाव डालें.

गौरतलब है कि अमेरिका की ओर से 23 अगस्त को जारी इस ट्रेवेल अडवाइजरी में भारत के अलावा पाकिस्तान, सीरिया, यमन, ईरान और इराक जैसे हिंसा प्रभावित देशों को शामिल किया गया है।

संगठन का कहना है कि अमेरिकी नागरिक दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा भारत में ही समय बिताना पसंद करते हैं. अमेरिका से आने वाले पर्यटक अन्‍य देशों की तुलना में सबसे ज्‍यादा समय तक भारत में रहते हैं.

अमेरिकी पर्यटक जहां 29 दिन तक रहता है, वहीं अन्‍य देशों के लोग 22 दिनों तक रहते हैं. इस एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है की भारत कोरोना के मामले बढ़ने पर एयरपोर्ट और देश की सीमा को बंद कर सकता है ऐसे में फिलहाल वहां जाने से परहेज करें.

अमेरिका के विदेश विभाग ने विशेष रूप से जम्‍मू-कश्‍मीर और भारत-पाकिस्‍तान सीमा पर नहीं जाने के लिए चेतावनी जारी की है.