March 18, 2020

आंगनवाडी कार्यकर्ता घर-घर पहुंचा रहीं पोषण का ज्ञान, महिलाओं व बच्चों का रखें ध्यान

मुख्य बातें

  • कुपोषण व कोरोना के प्रति लोगों को कर रहीं जागरूक
  • कुपोषण के खिलाफ आईसीडीएस की जारी है जंग

ललितपुर : देश में फैले कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए केंद्र व राज्य सरकार ने भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। इसी क्रम में 22 मार्च तक चल रहे पोषण पखवाड़े को भी स्थगित कर दिया गया है।

लेकिन गर्भवती, किशोरी व बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए महिला बाल विकास एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्री घर-घर जाकर पुष्टाहार के पैकेट बांट रही हैं। साथ ही उन्हें कोरोना वायरस के प्रति जागरूकर भी कर रही हैं।

8 मार्च को आरोग्य मेले से पोषण पखवाड़े की शुरुआत हुई थी। पोषण पखवाड़े की थीम “पुरुष सहभागिता” थी| पखवाड़े में पोषण को लेकर पुरुषों की सहभागिता को सुनिश्चित करना था|

इसे 22 मार्च तक इसे संचालित किया जाना था। विभिन्न गतिविधियों से कुपोषण, एनीमिया पर लोगों को जागरूक किया जाना था।

कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से केंद्र सरकार द्वारा इसे स्थागित कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर 22 मार्च तक आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद कर दिए गए हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा ने बताया कि गर्भवती, किशोरी व बच्चों की सेहत को देखते हुए आंगनबाड़ियां गांवों में घर-घर जाकर पुष्टाहार वितरित कर रही हैं। लोगों को संतुलित और ऊपरी आहार की जानकारी दे रही हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस पर शासन व उच्चाधिकारियों से मिले निर्देशों का पालन किया जा रहा है। घर-घर पुष्टाहार वितरण के साथ कोरोना के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

इससे बचने के टिप्स व तरीके बताए जा रहें। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को हाथ धोने की नियमित आदत के फायदे बताए जा रहे हैं।