बंगाल: सीएम ममता ने उठाई चार राजधानियों की मांग,कहा- देश में क्यों है एक ही राजधानी?

मुख्य बातें

  • केंद्र सरकार पर ममता ने साधा निशाना
  • कहा- सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में बिजी है केंद्र सरकार
  • 23 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश के एलान की भी मांग की

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने मांग की है कि देश में चार राजधानियां होनी चाहिए. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर राजधानी कोलकाता में ममता ने एक रैली को संबोधित किया

इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा ‘मेरा मानना है कि भारत में 4 राजधानियां होनी चाहिए. अंग्रेजों ने पूरे देश पर कोलकाता से शासन किया. हमारे देश में केवल एक ही राजधानी क्यों है ?

इससे पहले नेताजी की जयंती पर टीएमसी सुप्रीमो ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘हमने आज ‘देशनायक दिवस’ मनाया है.

नेताजी को ‘रवींद्रनाथ टैगोर ने देशनायक’ कहा था. ये ‘पराक्रम’ क्या है?’ सीएम ने साथ ही कहा कि जब नेताजी ने इंडियन नेशनल आर्मी का गठन किया, तो उन्होंने गुजरात, बंगाल, तमिलनाडु के लोगों सहित सभी को साथ लिया. वह अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो नीति के खिलाफ खड़े थे ।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैं आज से पहले उनकी (नेताजी सुभाष चंद्र) की जयंती को मनाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ अपना असंतोष व्यक्त करना चाहूंगी. 

केंद्र पर हमला बोलते हुए ममता ने कहा कि उन्होंने मूर्तियों के निर्माण और एक नए संसद परिसर में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं. हम आजाद हिंद स्मारक का निर्माण करेंगे. हम बताएंगे कि यह कैसे किया जाता है.

सीएम ममता ने नेताजी की जयंती पर निकाला भव्य जुलूस

गौरतलब है कि शनिवार को सीएम ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एक भव्य जुलूस की शुरुआत की.

इससे पहले बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार से 23 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि आजाद हिंद फौज के नाम पर राजरहाट क्षेत्र में एक समाधि स्थल का निर्माण किया जाएगा और नेताजी के नाम पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना भी की जा रही है, जिसका वित्तपोषण पूरी तरह से राज्य सरकार करेगी.

पैदल मार्च के दौरान ममता ने कहा कि नेता जी ने आजादी से पहले योजना आयोग और भारतीय राष्ट्रीय सेना की परिकल्पना की.