December 5, 2020

मलेरिया,डेंगू और चिकनगुनिया से रहें सतर्क

मुख्य बातें

• संचारी रोगों के प्रति रहें जागरूक

• सुबह टहलने के समय गर्म कपड़े पहने

• पीने के लिए गुनगुने पानी का करें प्रयोग

• तीन दिन से अधिक बुखार हो तो डॉक्टर को तुरन्त दिखायें

• खराश, सर्दी और खाँसी में बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।

वाराणसी : जनपद में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया की दस्तक हो गई है। अब तक मलेरिया के 32,डेंगू के 2 और चिकनगुनिया का 1 मरीज मिला है। जनपद में 36 सैंपल की जाँच हुई है, जिसमें 3 मरीजों के सैंपल पॉज़िटिव पाये गये हैं। ऐसे में ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वीबी सिंह ने बताया कि जनपद में संचारी रोगों के नियंत्रण के लिए 70 टीमों के द्वारा एंटीलार्वा का छिडकाव कराया जा रहा है। जहाँ डेंगू के मरीज मिल रहे हैं उनके घर के आस–पास पाइरेश्रम का छिडकाव किया जा रहा है।

शहरी क्षेत्र में 60 घरेलू ब्रीडिंग चेकर की टीमें लगाई गई हैं। जिनके द्वारा जागरूकता की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में यही काम आशाओं के द्वारा घर–घर सर्वे के द्वारा किया जा रहा है।

अगर संचारी रोग से संबन्धित किसी मरीज की सूचना मिलती है तो संबन्धित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम और जिला मलेरिया अधिकारी की टीम वहाँ का दौरा करती है। उन्होने बताया की डेंगू वाले मच्छरों का प्रकोप 15 नवम्बर तक रहेगा।

इस समय पूरी बाँह की शर्ट और पैंट पहने। अपने घर के आस–पास पानी न जमा होने दें। गड्ढों में भरे पानी तथा झाड़ियों को नष्ट कर दें। घर की छतों पर कबाड़,टायर इत्यादि न रखें और न ही उसमें पानी जमा होने दें।

जिला मलेरिया अधिकारी शरत चंद पांडे ने बताया कि मलेरिया, एनाफ़्लीज मच्छर के काटने से फैलता है यह साफ पानी में पैदा होता है तथा ठंड देकर बुखार आता है।

घर के अन्दर जहाँ शीलन होती है जैसे किचेन और बाथरूम वहाँ एडीज़ मच्छर पनपता है। एडीज़ मच्छर के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया का प्रकोप होता r।

इसके कारण जोड़ों में में दर्द, सिर में दर्द, आँख के पीछे दर्द तथा कभी-कभी उल्टी भी हो सकती है और कमजोरी आ जाती है तथा प्लेटलेट्स घटने लगते हैं, इनसे सतर्क रहें। अगर डेंगू में 50,000 से कम प्लेटलेट्स हो जाय तो स्थिति नाजुक होती है

इस तरह की किसी भी समस्या से घबराने के जरूरत नहीं है। आप अपने घर के नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराये तथा दवा चिकित्सक की सलाह से ही लें।

इसकी जांच (एलाइज़ा टेस्ट) दीन दयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय तथा सर सुन्दर लाल चिकित्सालय (बीएचयू) में नि:शुल्क की जाती है।