March 21, 2020

यूपी सरकार का बड़ा एलान,मजदूरों को मिलेगी ₹1000 की धनराशि

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए पूरे देश में जो एहतियात बरते जा रहे हैं, उसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार भी पूरी सतर्कता बरत रही है.

उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार तत्काल प्रभाव से 35 लाख मजदूरों को भरण-पोषण के लिए 1000 रुपये प्रति मजदूर देगी.

यह भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे अकाउंट में भेजा जाएगा. उन्होंने मनरेगा मजदूरों को तुरंत भुगतान देने का एलान किया है.

इसी के साथ ही उन्होंने 1.65 करोड़ से ज्यादा अन्त्योदय योजना, मनरेगा और श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं दिहाड़ी मजदूरों को एक माह का निशुल्क राशन अप्रैल में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूरे देश में कोरोना वायरस अभी सेकेंड स्टेज में है. हम इस स्टेज पर इसको रोकने में अगर सफल होते हैं तो यह दुनिया के लिए बड़ा संदेश होगा. इस संक्रमण को रोकने के लिए हमारी कार्रवाई युद्ध स्तर पर चल रही है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एहतियात के तौर पर सरकार ने प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थानों, मल्टीप्लेक्स, सिनेमाघर, मॉल को बंद करने का निर्देश दिया है. अनावश्यक यातायात को रोका गया है.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इसका असर दिन प्रतिदिन आजीविका कमाने वाले लोगों पर पड़ेगा. इसके लिए हमारी सरकार ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया था.

इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दिहाड़ी मजदूरों के लिए प्रदेश सरकार ने भरण-भोषण के भत्ते की मंजूरी दी है. प्रदेश के श्रम विभाग में 20.37 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं.

भरण पोषण के रूप में एक हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा जाएगा. जिन श्रमिकों के खाते नहीं है, उनके खाते यथाशीघ्र खुलवाकर विभाग में लेबर सेस फंड से सभी श्रमिकों को प्रतिमाह 1000 रुपए डीटीबीटी के माध्यम से उपलब्ध करवाए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा है कि ठेला, खोमचा, रेहड़ी और रिक्शा चलाने वाले, साप्ताहिक बाजार आदि का कार्य करने वाले की संख्या करीब 15 लाख है. इनके लिए भी सरकार एक हजार रुपए भरण पोषण तत्काल रूप से देगी. इसे भी डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा जाएगा.

इनका डेटाबेस नगर विकास द्वारा अगले 15 दिनों में तैयार किया जाएगा. इस पर सरकार का करीब 150 करोड़ रुपए का व्यय भार अऩुमानित है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि शहरी क्षेत्र में ऐसे दिहाड़ी मजदूर जिनके पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है, उनके कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएंगे.

प्रदेश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जो भी कार्य करने वाले लोग खासतौर पर मजदूर या ठेला, खोमचा लगाने वालों को तत्काल खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के आदेश दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री योगी ने मनरेगा के मजदूरों को तत्काल मजदूरी का भुगतान करने के निर्देश देते हुए कहा है कि केंद्र सरकार से करीब 556 करोड़ रुपए की धनराशि के भुगतान की कार्रवाई तत्काल मार्च 2020 में ही कराई जाएगी.

इसी के साथ उन्होंने अन्त्योदय योजना, मनरेगा और श्रमि विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं दिहाड़ी मजदूरों करीब 1 करोड़ 65 लाख 31 हजार जरूरतमंदों को एक माह का निशुल्क राशन अप्रैल में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं.

इस पर करीब 64.50 करोड़ का व्ययभार आएगा. पीडीएस दुकानों के जरिए अनाज दिया जाएगा. इसके लिए नोडल अफसर तैनात किए गए हैं. इन परिवारों को 20 किलो गेहूं, 15 किलो चावल मुफ्त मिलेगा.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में लागू विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 83.83 लाख लाभार्थियों को दी जाने वाली त्रैमासिक पेंशन की धनराशि को अब दो माह की अग्रिम पेंशन अप्रैल महीने में ही दी जाएगी.

इसमें वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण पेंशन और निराश्रित विधवा के भरण पोषण पेंशन के लाभार्थी शामिल हैं.

इसके बाद भी अगर कोई असहाय व्यक्ति बच जाता है, जिसके पास अपने व अपने परिवार के भरण पोषण की व्यवस्था नहीं है, उसकी भी सरकार पूरी मदद करेगी.

इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी की समिति तथा नगरीय क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी व नगर मजिस्ट्रेट व संबंधित नगर निकायों के आयुक्त व अधिशासी अधिकारी की समिति की संस्तुति पर 1000 रुपए प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.