October 13, 2021

बड़ा खुलासा: डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ 92% तक प्रभावी है कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली : कोरोना के गंभीर मामलों को रोकने में टीकाकरण बेहद प्रभावी है. यहां तक कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ भी इसे असरदार माना गया है.

फ्रांस में बड़े पैमाने पर रिसर्च के नतीजों से ये खुलासा हुआ है. शोधकर्ताओं ने ये जानने के लिए फोकस किया कि संक्रमण को छोड़कर मौत और कोविड के गंभीर मामलों की रोकथाम में वैक्सीन का असर कैसा है.

शोधकर्ताओं ने 50 साल की उम्र से ज्यादा 22 मिलियन लोगों के डेटा को जांचा और पाया कि वैक्सीन लेने वालों को गंभीर बीमारी से अस्पताल में भर्ती होने या मरने की 90 फीसद कम संभावना थी.

कोरोना वैक्सीन डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ है बेहद असरदार 

डेटा को इकट्ठा करने का काम दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था. उस वक्त फ्रांस में टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई थी.

शोधकर्ताओं ने 11 मिलियन टीकाकरण करा चुके लोगों के नतीजों की तुलना 11 मिलियन वैक्सीन नहीं लगवाने वालों से की.

नतीजे अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल से मिलने वाली टिप्पणियों की पुष्टि करते हैं, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि ये अपनी तरह कि अब तक की सबसे बड़ी रिसर्च है.

उन्होंने समान उम्र, लिंग और क्षेत्र से वैक्सीन नहीं लगवाने वालों के साथ टीकाकरण कराने वालों के मिलते-जुलते जोड़े बनाए. वैक्सीन के दूसरे डोज से 20 जुलाई तक उनको ट्रैक किया.

अस्पताल में भर्ती होने की और मौत की 90 फीसद संभावना कम

Epi-Phare की तरफ से किए गए रिसर्च के मुताबिक दूसरे डोज के 14 दिनों बाद टीकाकरण करा चुके प्रतिभागियों का कोविड-19 से गंभीर जोखिम 90 फीसद तक कम हो गया.

टीकाकरण करीब उतना ही प्रभावी साबित हुआ जितना कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ यानी 75 वर्षीय लोगों को 84 फीसदी सुरक्षा मिली जबकि 50-75 वर्ष के आयु ग्रुप में ये 92 फीसदी थी.

आंकड़ा हालांकि एक महीने के डेटा पर आधारित है. Epi-Phare फ्रांस की सरकार के साथ मिलकर काम करने वाला स्वतंत्र रिसर्च ग्रुप है.

उसके प्रमुख ने एएफपी को बताया, “अगस्त और सितंबर के नतीजों को शामिल करने के लिए फॉलोअप किया जाना चाहिए.”

रिसर्च का हिस्सा फाइजर-बायोएनटेक और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को बनाया गया था, लेकिन जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को फ्रांस में बहुत कम इस्तेमाल किया गया क्योंकि उसकी मंजूरी बहुत बाद में मिली.

नतीजों से ये भी पता चला कि 5 महीनों के समय तक कोविड-19 के नतीजे में होने वाली गंभीर बीमारी के खिलाफ टीकाकरण से सुरक्षा नहीं घटती.