October 31, 2020

पीएम-राष्ट्रपति समेत देश की बड़ी हस्तियों की जासूसी कर रहा चीन

नई दिल्ली : भारतीय सेना से हताश चीन भारत के खिलाफ साजिश में जुटा हुआ है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री तक, मुख्यमंत्री से लेकर सेना के वरिष्ठ अफसरों तक की जासूसी की जा रही है।

इसके अलावा, देश के प्रमुख उद्योगपतियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारी भी चीन के निशाने पर हैं। 

ड्रैगन कर रहा 1350 भारतीय राजनेताओं-कानून निर्माताओं की जासूसी

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से एक बड़ा खुलासा हुआ है. जिसके मुताबिक, चीन भारत के बड़े राजनीति और सामिरक क्षेत्र में बड़े पदों पर बैठे लोगों की जासूसी करा रहा है.

इस जासूसी लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पांच प्रधानमंत्रियों, पूर्व और वर्तमान के 40 मुख्यमंत्रियों, 350 सांसद, कानून निर्माता, विधायक, मेयर, सरपंच और सेना से जुड़े समेत करीब 1350 लोगों के नाम शामिल हैं.

जासूसी का काम कर रही चीन की शेनझेन और झेन्हुआ इंफोटेक

चीन की कंपनी शेनझेन इंफोटेक और झेन्हुआ इंफोटेक ये जासूसी कर रही है. शेनझेन इंफोटेक कंपनी ये जासूसी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार के लिए कर रही है. इस कंपनी का काम दूसरे देशों पर नजर रखना है.

इन बड़ी हस्तियों की हो रही जासूसी

  • वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
  • कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी
  • सीडीएस बिपिन रावत
  • चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे
  • एचडी देवगौड़ा समेत चार पूर्व प्रधानमंत्री
  • 24 मुख्यमंत्री
  • 350 सांसद
  • 16 पूर्व मुख्यमंत्री
  • 70 मेयर, डिप्टी मेयर

अलग-अलग पार्टियों के लगभग 700 नेताओं पर भी चीन की नज़र

इतना ही नहीं, चीन के द्वारा अलग-अलग पार्टियों के करीब 700 नेताओं की निगरानी रखी जा रही है. इसके अलावा 460 वो लोग भी हैं जो इन नेताओं के करीबी रिश्तेदार हैं.

100 से ज्यादा नेताओँ की फैमिली ट्री बनायी गयी है, जिन पर निगाह रखी जा रही है. करीब एक दर्जन मौजूदा और पूर्व राज्यपालों की भी डिटेल्स रखी गयी हैं. वहीं चीन की निगरानी सूची में कई पोर्टियों के 200 छोटे बड़े नेता भी शामिल हैं.

दिवंगत राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की भी जासूसी

राजनीति के कई दिग्गज भी चीन की इस जासूसी के निशाने पर हैं. जिनमें पूर्व राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के नाम शामिल हैं.

जिन नामों को लेकर चीन की साजिश का खुलासा हुआ है. उनमें दिवंगत राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, एपीजे अब्दुल कलाम भी थे.

पूर्व पीएम राजीव गांधी और चीन के साथ ऐतिहासिक समझौते करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी जानकारियों पर चीनी जासूसों की नजर है.

ये राज्य भी चीन के पर

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर भी ड्रैगन नजरे गड़ाए बैठा है.

वहीं कमलनाथ, लालू प्रसाद यादव और मुलायम सिंह यादव जैसे कई पूर्व मुख्य मंत्रियों की जासूसी भी चीन ने की है.

चीन की जासूसी के जाल में सिर्फ भारतीय राजनेता ही नहीं सेना के कई पूर्व अधिकारी, राजनयिक, संवेदनशील संस्थान और भारत के कई महत्वपूर्ण मिशन पर भी चीन की काली नजर है.