दिल्ली में CM केजरीवाल ने किया पहले प्लाज़्मा बैंक का उद्घाटन,जानें कौन कर सकता है डोनेट

नई दिल्ली : कोरोना के बढ़ते संकट के बीच राजधानी दिल्ली से राहत भरी खबर सामने आयी है. आज दिल्ली में देश के पहले प्‍लाज्‍मा बैंक का उद्घाटन किया गया .

दिल्ली मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्लाज्मा बैंक का उद्घाटन किया. जिसे चलाने की जिम्मेदारी ILBS अस्‍पताल को सौंपी गयी .

हॉस्पिटल ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित और उसके बाद ठीक हो चुके लोग अपना प्‍लाज्‍मा डोनेट कर सकते हैं. अस्‍पताल का कहना है कि ऐसे लोगों का संक्रमण से ठीक हुए कम से कम 14 दिन हो जाना चाहिए और डोनर खुद को पूरी तरह से स्‍वस्‍थ अनुभव कर रहा हो.

बता दें कि सीएम केजरीवाल ने पहले भी प्‍लाज्‍मा थेरेपी की उपयोगिता के बारे में बात की थी. उन्‍होंने इसको उपयोगी भी बताया था. केजरीवाल ने 2 जुलाई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्‍लाज्‍मा बैंक का उद्घाटन किया.

दिल्ली सरकार ने की प्लाज़्मा देने की अपील

CM अरविंद केजरीवाल ने कोरोना से ठीक हुए लोगों के आगे आकर प्लाज्मा दान करने की अपील की है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लाज्मा दान देने वाले लोगों को घर से हॉस्पिटल लाने- ले जाने की सुविधा दिल्ली सरकार मुहैया कराएगी. साथ ही प्लाज्मा दान करने वाले व्यक्ति को दिल्ली सरकार एक ‘गौरव पत्र’ भी देगी.

ये लोग डोनेट कर सकते हैं प्लाज़्मा

  • कोरोना पॉजिटिव हुए हों
  • अब निगेटिव हो गए हों
  • ठीक हुए 14 दिन हो गए हों
  • स्वस्थ महसूस कर रहे हों और प्लाज्मा डोनेट करने के लिए उत्साहित हों
  • उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हों

ये लोग प्लाज्मा डोनेट नहीं कर सकते

  • जिनका वजन 50 किलो से कम है
  • महिला जो कभी भी प्रेग्नेंट रही हो या अभी हों
  • डायबिटीज के मरीज जो इंसुलिन ले रहे हो
  • ब्लड प्रेशर 140 से ज्यादा हो
  • ऐसे मरीज जिनको बेकाबू डायबिटीज हो या हाइपरटेंशन हो
  • कैंसर से ठीक हुए व्यक्ति
  • जिन लोगों को गुर्दे/ह्रदय/ फेफड़े या लीवर की पुरानी बीमारी हो

प्लाज्मा दान करना हो तो क्या करें

दिल्ली CM ने दिल्लीवासियों से प्लाज्मा दान करने की अपील करते हुए कहा कि यह काम ज्यादा कठिन नहीं है. उन्होंने कहा कि ILBS हॉस्पिटल कोरोना अस्पताल नहीं है, फिर भी वहां व्यवस्था की गई है. अगर किसी को प्लाज्मा दान करना हो तो वह सरकार को बताए.

उस व्यक्ति को ILBS हॉस्पिटल पहुंचाने का सारा जिम्मा सरकार उठाएगी. इसके लिए एक-दो दिन में फोन नंबर जारी कर दिए जाएंगे. इस नंबर पर फोन करने के बाद टैक्सी आपके पास पहुंचेगी और आपको ILBS हॉस्पिटल ले जाएगी,

जहां आप प्लाज्मा दान कर सकेंगे. केजरीवाल ने अपील की कि ज्यादा से ज्यादा लोग प्लाज्मा दान करें, ताकि कोरोना से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जा सके.

क्या होती है प्लाज्मा थेरेपी?

कोरोना बीमारी से ठीक हो चुके व्यक्ति के खून से एंटीबॉडिज लेकर बीमार व्यक्ति के शरीर में ट्रांसफर किए जाते हैं. इससे मरीज के शरीर में बीमारी से लड़ने की ताकत बढ़ती है.

एंटीबॉडी को इम्युनोग्लोबुलिन भी कहा जाता है. यह शरीर द्वारा तैयार प्रोटीन होता है, जो एंटीजन नामक बाहरी नुकसानदायक तत्वों से लड़ने में मदद करता है 

सबसे पहले दिल्ली में ही प्लाज्मा थेरेपी का प्रयोग किया गया था और इसके शानदार नतीजे सामने आए थे.