प्रवासी मजदूरों की निगरानी कर रही है समितियां

मुख बातें

  • निगरानी के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में किया गया निगरानी समिति का गठन
  • जांच के बाद लक्षित मजदूरों को किया जाएगा संस्थागत क्वारनटाइन
  • बिना किसी लक्षण वाले मजदूरों को 21 दिन का होम क्वारनटाइन

झाँसी : देश में चल रहे लॉक डाउन के चलते सरकार की मदद से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों के लौटने का सिलसिला शुरू हो चुका है। प्रवासियों के आगमन के बाद जिला प्रशासन उनकी स्क्रीनिंग कर रहा है।

इसके साथ ही प्रत्येक प्रवासी का पता एवं मोबाइल नम्बर सहित लाइन लिस्टिंग की जा रही है। स्क्रीनिंग में किसी प्रकार के लक्षण मिलने पर उन्हें 7 दिन के लिए फैसिलिटी क्वारनटाइन में रखा जाएगा.

इसी के साथ इनकी कोविड-19 जांच की जाएगी, जाँच में संक्रमित मिलने पर उपचार कराया जाएगा। सात दिनों के बाद भी यदि प्रवासी व्यक्ति संक्रमित नहीं पाया जाता है तो उसे अगले 14 दिन के लिए होम क्वारनटाइन में भेजा जाता है।

बिना लक्षण वाले व्यक्तियों को 21 दिन के होम क्वारनटाइन में भेजा जा रहा है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ जी के निगम के द्वारा दी गयी।

उन्होने बताया कि होम क्वारनटाइन के लिए शहरी व ग्रामीण स्तर पर निगरानी समिति बनाई गयी है। जो यह सुनिश्चित कर रही है कि परिवार के सभी सदस्यों को राजकीय सुविधाओं एवं राहत योजनाओं का लाभ मिलता रहे।

समुदाय में सर्विलांस और सहयोग के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्राम निगरानी समिति तथा शहरी क्षेत्रों में सभासद के नेतृत्व में मोहल्ला निगरानी समिति का गठन किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों की में निगरानी समिति में आशा कार्यकर्ता सदस्य है। आशा द्वारा प्रवासियों की सूचना प्रतिदिन ब्लॉक कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजेर को उपलब्ध कराई जा रही है, जो पोर्टल पर सूचना की एंट्री कर रहे है।

जिला कार्यक्रम प्रक्रिया प्रबन्धक प्रशांत वर्मा ने बताया कि 1 मार्च से अभी तक 29910 प्रवासी मजदूरों का विवरण पोर्टल पर अंकित किया जा चुका है।

स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ॰ विजयश्री शुक्ला ने बताया कि होम क्वारनटाइन की अवधि के दौरान प्रवासी के परिवार को यह सुनिश्चित करना होगा कि जहाँ तक संभव हो प्रवासी घर में अलग कमरे में रहे, साथ ही मास्क, गमछे या दुपट्टे से मुंह को अवश्य ढंके, हाथों को साबुन व पानी से बार-बार धुलें, ऐसे घर में किसी भी अन्य व्यक्ति के प्रवेश की अनुमति नहीं देनी है।

परिवार के किसी सदस्य अथवा क्वारनटाइन किये गए प्रवासी में कोविड-19 के लक्षण प्रारंभ होते ही इसकी सूचना आशा कार्यकर्ता को दे, जिससे वह आगे की कार्यवाही कर सके।

निगरानी के दौरान आशा कार्यकर्ता घर के बाहर उचित स्थान पर क्वारनटाइन संबंधी पोस्टर (फ्लायर) लगा रही है जिससे उस घर के क्वारनटाइन के अंतर्गत होने का संकेत मिल सके।

पोस्टर पर आशाएँ स्याही से क्वारनटाइन के शुरू होने व ख़त्म होने की तारीख़ अंकित कर रही है। 21 दिनों का क्वारनटाइन का समय पूरा होने पर आशा कार्यकर्ता वस्तुस्थिति की सूचना बीसीपीएम को देंगी एवं घर पर लगे फ्लायर को हटा देगी।

यदि प्रवासी के पास स्मार्ट फोन है तो उस पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करवाया जा रहा है जिसमें रोज सुबह 11 बजे अपनी सूचना अपडेट करनी है।

यदि प्रवासी व्यक्ति अथवा उसके परिवार के सदस्य को बुखार अथवा खांसी के लक्षण प्रकट होते हैं तो आशा इसकी सूचना प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को देंगी, तथा सांस लेने में तकलीफ होती है तो आशा या निगरानी समिति के सदस्य इसकी सूचना प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को देंगे तथा व्यक्ति को 108 एम्बुलेंस के जरिये पास के क्वारनटाइन फैसिलिटी में भेजने की व्यवस्था की जाएगी।