एक जुलाई से पूरे माह चलेगा संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान

मुख्य बातें
• घर-घर जाकर मच्छरजनित एवं संक्रामक रोगों के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरुक
• सोशल डिस्टेन्सिंग का रखा जाएगा विशेष ध्यान
• कोरोना से बचाव की भी दी जायेगी जानकारी
• स्वास्थ्य विभाग समेत 10 विभाग मिलकर बनाएँगे अभियान को सफल

वाराणसी : जिलाधिकारी एवं जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष श्री कौशलराज शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान एक जुलाई से 31 जुलाई तक चलाया जायेगा।

अभियान के अंतर्गत ही ‘दस्तक अभियान’ 16 से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। दस्तक अभियान में विभिन्न विभागों के फ्रंटलाइन वर्कर्स मच्छरों जनित एवं संक्रामक रोगों से बचाव की जानकारी घर-घर जाकर देंगे तथा व्यवहार परिवर्तन के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे।

इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा व्यक्तिगत स्वच्छता, पर्यावरणीय स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, गाँव और मोहल्लों की साफ-सफाई, हैंडपंपों से शुद्ध पेयजल, खुले में शौच से मुक्ति, हाथ धोने के तरीके, पौधारोपण, जल जमाव रोकना बने हुये शौचालयों के प्रयोग, नए शौचालय का निर्माण के साथ साथ बुखार के संबंध में सम्बद्ध जानकारी तथा बुखार होने पर तत्काल जांच एवं वर्तमान में कोविड से बरती जाने वाली सावधानियों इत्यादि विषयों पर कार्य किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि दोनों अभियानों के दौरान कोविड के नियमों का पालन विशेष रूप से किया जाएगा। अभियान में फिजिकल डिस्टेंसिंग, हाथों की सफाई और मास्क की अनिवार्यता का खासतौर पर ध्यान रहेगा ।

अभियान में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आईसीडीएस, ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम/शहरी विकास, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, स्व्च्छ भारत मिशन, सूचना विभाग, संस्कृति विभाग एवं चिकित्सा व शिक्षा विभाग की सहभागिता होगी ताकि अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान में स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है जिसका कार्य संचारी रोगों तथा दिमागी वुखर केसेज की निगरानी करना, रोगियों के उपचार की व्यवस्था करना, रोगियों के निःशुल्क परिवहन के लिए रोगी वाहन सेवा की व्यवस्था करना, वाहक नियंत्रण गतिविधियाँ यथा ग्रामीण क्षेत्रों में वाहक के घनत्व का आंकलन करना, स्रोतों में कमी लाना, लार्वारोधी गतिविधियाँ तथा आवश्यकतानुसार फोगिंग करना, “क्या करें, क्या न करें” का प्रमुख स्थान पर प्रचार-प्रसार एवं व्यवहार परिवर्तन गतिविधियाँ एवं मॉनिटरिंग, पर्यवेक्षण और विश्लेषण करना है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वीबी सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स न तो किसी का दरवाजा छुएंगे और न ही कुंडी खट-खटाएंगे। घर के भीतर भी नहीं जाएंगे।

सिर्फ संदेश और पोस्टर के जरिये दस्तक दिया जाएगा। इसके लिए फ्रंट लाइन वर्कर्स को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों द्वारा माइक्रोप्लान बनाया जा चुका है और सभी को निर्देशित भी किया जा चुका है।

अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया, रेडियो आदि को भी प्रचार का माध्यम बनाया जाएगा जिससे लोगों में इन संचारी रोगों से बचाव को लेकर जागरूकता आये।

सीएमओ ने बताया कि अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर दस्तक देंगी। इस दौरान अधिक से अधिक लोगों को मच्छरजनित एवं संक्रामक रोगों जैसे मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, दिमागी बुखार, एईएस-जेई, कालाजार आदि से बचाव एवं रोकथाम को लेकर जागरूक किया जाएगा।

इस दौरान कोविड-19 महामारी पर भी नियंत्रण के लिए लोगों को सोशल डिस्टेन्सिंग का महत्व, बार-बार हाथ धोना, बाहर जाने पर मास्क लगाना आदि समझाएंगी।

अभियान में ‘हर रविवार मच्छरों पर वार’ पर भी ज़ोर दिया जाएगा ताकि हर परिवार सुरक्षित हो सके। किसी भी प्रकार के रोग से पीड़ित होने पर रोगी को 108 एंबुलेंस की मदद से सीएचसी व पीएचसी पर पहुंचायेगी ताकि उन्हें समुचित इलाज मिल सके।

जिले के सभी सरकारी अस्पतालों समेत सभी सीएचसी/पीएचसी पर विशेषज्ञ व डाक्टरों के देखरेख में संचारी रोगों की जाँच और इलाज निःशुल्क मौजूद है।