March 26, 2020

सामाजिक दूरी बनाना अब भी बना हुआ है चुनौती

व्यक्तिगत सुरक्षा को ताक पर रखकर घर से बाहर निकल रहे लोग

झाँसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 21 दिन तक देश बंद ऐलान के बाद भी लोगों का घर से निकलना बंद नही हुआ है। अपनी दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए लोग अभी भी घर से निकल रहे है।

हर ब्लॉक में दैनिक जरूरतों को पूर्ति के लिए समान मुहैया कराया जा रहा है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि व्यक्ति व्यक्तिगत सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दे। अभी देखा जा रहा है कि सामान लेने के लिए लोग लाइन लगाकर खड़े हुए है। जबकि इस समय सबसे ज्यादा जरूरी सामाजिक दूरी बनाए रखना है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ जी के निगम ने सभी लोगों से अपील की है कि इस 21 दिन के लॉक डाउन का पालन करे और बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही घर से निकले, दैनिक जरूरतों के समान लेते समय कम से कम दो लोगों के बीच एक मीटर का फासला बनाकर ही लाइन में खड़े हो।

वर्तमान में लॉकडाउन से लोग तो सड़कों पर कम नजर आ रहे है लेकिन सामाजिक दूरी बनाए रखना अब भी चुनौती बना हुआ है। सभी सामाजिक दूरी के महत्व को समझे और वैश्विक महामारी के समय में मिलकर इस वायरस के खिलाफ लड़े।

क्या है समाजिक दूरी और यह क्यों महत्वपूर्ण है ?

यह कोराना वायरस के प्रसार को रोकने अथवा कम करने की रणनीति का हिस्सा है। यह सभी पर लागू होता है, चाहे उसमें किसी तरह का लक्षण हो या नहीं हो। इसमें यह बात भी मायने नहीं रखती कि वह उच्च जोखिम वाले वर्ग (बुजुर्ग अथवा बीमार) का हिस्सा है या नहीं।

हमें अपने रहन-सहन में बदलाव करने की जरूरत है। अगर हमें इसके सकारात्मक नतीजे पाने हैं तो पूरी सख्ती से इसका पालन करना होगा।

कोरोना वायरस से बचाव के चार प्रमुख संदेश
• हाथों को साबुन और पानी से धोते रहे
• खाँसते और छीकते समय अपने नाक और मुंह को टिशु या रुमाल से ढके
• चेहरे, आँख, नाक, मुंह को बार बार न छुए
• ज्यादा भीड़ भाड़ वाली जगह न जाए, खांसी जुखाम वाले मरीजों से तीन फुट की दूरी बनाए रखे

कोरोना के बारे में अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें–

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश – 1800-180-5145 , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय –011- 23978046, टोल फ्री नंबर- 1075, 0510-2440521 संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष (कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, झाँसी)