रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा जोशांदा काढ़ा


इम्युनिटी मजबूत करने से ही हारेगा कोरोना

बाँदा : कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधिक क्षमता (इम्युनिटी सिस्टम) का मजबूत होना जरूरी है।

इसके लिए हमें अपने खान-पान का विशेष ख्याल रखना होगा। रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा जोशांदा काढ़ा पीने की सलाह दी जा रही है।

जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नीरज सोनी का कहना है – जोशांदा काढ़ा पूरी तरह से देशी काढ़ा है।

कोरोना वायरस के संक्रमण काल के अलावा भी इसके सेवन से फायदा होता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और सर्दी, खांसी, जुकाम से बचाने में कारगर होता है।

बुखार के कारण होने वाली शरीर की जकड़न इससे ठीक होती है। कोरोना से बचाव में यह काढ़ा अहम भूमिका निभाता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखना होगा कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने में कुछ समय लगता है।

इसलिए विभिन्न वर्ग के लोगों को काढ़े का सेवन अनुशंसित समय तक करना चाहिए। सामान्य व्यक्ति को कम से कम 15 दिन लगातार काढ़े का सेवन करना चाहिए, बच्चों और बूढों को 2 से 3 माह तक जबकि पहले से बीमार लोगों को लम्बे समय तक काढ़े का सेवन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस समय देश में कोरोना संक्रमण चरम पर है। ऐसे में यदि लोगों ने ढील दिखाई तो अब तक की मेहनत बेकार हो सकती है।

इसलिए ज़रूरी है कि लॉक डाउन का कड़ाई से पालन से करें और साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखें। खान-पान पर भी ध्यान देने की ज़रूरत है।

जोशांदा काढ़ा बनाने की विधि

जोशांदा काढ़ा बनाने के लिए साफ पानी, तुलसी की पत्ती, लौंग, काली मिर्च, छोटी इलायची, अदरक, गुड़ और चायपत्ती की जरूरत होती है।

इसे बनाने के लिए सबसे पहले पानी गर्म होने के लिए रख दें। जब पानी उबलने लगे तब उसमें पीसी हुई लौंग, काली मिर्च, इलायची, अदरक, और स्वादानुसार गुड़ ड़ाल दें।

थोड़ी देर बाद तुलसी की पत्तियां इसमें डाल दें। उसके बाद चायपत्ती। जब पानी आधा रह जाए तो गैस बंद कर दीजिए। पानी को छान लें। इसे गर्म पीना ही फायदेमंद होता है।

आयुष विभाग भी कराएगा काढ़े का वितरण

डॉ. सोनी ने बताया कि निदेशक, आयुर्वेदिक सेवाएं ने सभी जिलों के निजी क्षत्रों के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज व उनके सम्बद्ध चिकित्सालयों को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया है कि प्रत्येक संस्थान कम से कम 99 किग्रा आयुष काढ़ा तैयार कर उसे 50 ग्राम की पैकिंग में वितरित कराना सुनिश्चित करे।

संस्थानों को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी से समन्वय में काढ़े का वितरण करने को कहा गया है। उक्त मात्रा में काढ़ा बनाने की विधि भी पत्र में लिखी गई है।

आयुष मंत्रालय के सुझाव

शरीर के इम्यून सिस्टम को दुरूस्त रखने के लिए गुनगुना पानी और आंवला, एलोवेरा, गिलोय, नींबू आदि का जूस पीना चाहिए।

इसके अलावा पानी में तुलसी के रस की कुछ बूंदें डालकर अथवा गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पी सकते हैं। तुलसी की 5 पत्तियां, 4 काली मिर्च, 3 लौंग, एक चम्मच अदरक का रस शहद के साथ ले सकते हैं। अथवा तुलसी की 10-15 पत्तियां, 5-7 काली मिर्च, थोड़ी दालचीनी और अदरक की चाय पी सकते हैं।