कोरोना महामारी के समय में डेंगू मलेरिया को न करें अनदेखा

मुख्य बातें

  • लक्षण दिखने पर सम्बंधित पीएचसी/ सीएचसी पर करें सम्पर्क
  • मच्छरों से बचाव के लिए बरतें आवश्यक सावधानी

बाँदा : पूरे देश में कोरोना महामारी का प्रकोप इतना हो गया है कि लोग दूसरी गंभीर बीमारियों पर ध्यान न देकर केवल कोरोना से बचने में लगे हैं। पर बदलता मौसम भी अपने साथ कई संक्रामक बीमारियाँ लेकर आता है जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए।

जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार का कहना है – बदलते मौसम में गर्मी बढ़ते ही मच्छरों की तादात अचानक बढ़ने लगती है। ऐसे में हमें कोरोना के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाईलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव की बहुत ज़रूरत है।

इस समय पूरा स्वास्थ्य विभाग कोरोना महामारी से निपटने और इससे ग्रसित मरीजों के इलाज में जुटा है। इसलिए लोगों को खुद ही इससे बचाव के बारे में जागरुक होना होगा। मच्छरों से बचाव के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरतें।

अपने घरों में व आसपास पानी इकट्ठा न होने दें क्यूंकि सभी मच्छर रुके हुए पानी में ही पनपते और अंडे देते हैं। इसलिए रुके हुए पानी पर या तो मिटटी डाल दें या उसपर मिटटी का तेल डाल दें।

इससे मच्छरों का लार्वा ठहरे हुए पानी में पनपेगा नहीं। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। पूरी आस्तीन के कपडे पहनें। अपने घर की छत पर टूटे मटके, टायर, फूलदान आदि में पानी न भरने दें।

फ्रिज कूलर आदि को हर हफ्ते साफ़ करते रहें। इन सावधानियों को बरतने से काफी हद तक संक्रामक रोगों से बचाव संभव हो सकेगा।

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि अब तक वेक्टर जनित रोगों से बचाव के लिए प्रत्येक वर्ष स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान चलाकर जन-जागरुकता कार्यक्रम, रैली, अभिमुखीकरण कार्यशाला आदि के माध्यम से लोगों को जागरुक किया जाता रहा है।

इसके साथ ही ‘हर रविवार मच्छर पर वार’ कार्यक्रम का कार्यान्वयन भी अत्यंत प्रभावी ढंग से किया जाता था। पर इस बार कोरोना महामारी के चलते इन कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हो पा रहा है।

यदि किसी व्यक्ति में लक्षण दिखें तो वह सम्बंधित पीएचसी/ सीएचसी पर संपर्क कर सकते हैं। उचित इलाज के लिए मरीज़ को उच्च अस्पताल के लिए संदर्भित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में अप्रैल और मई माह में विभाग द्वारा कुल 11 717 स्लाइड बनाई गई थी जिनमें 23 मलेरिया घनात्मक रोगी पाए गए थे।

वहीं इस वर्ष कोरोना के चलते सामाजिक दूरी के कारण काम प्रभावित हुआ जिससे अप्रैल 2020 में कुल 169 स्लाइड बनाई जा सकी पर एक भी मलेरिया घनात्मक रोगी नहीं पाया गया। वर्ष 2019 में जनपद में कुल 4 डेंगू के मरीज़ मिले थे जबकि इस वर्ष अभी तक एक भी मरीज़ नहीं मिला है।