हर बुखार, खांसी, जुकाम को न समझ लें कोरोना,जानें अंतर

जुलाई से शुरू होगा विशेष संचारी अभियान

ललितपुर : इस समय हर तरफ कोरोना वायरस का खौफ है| लोग इस संक्रमण से इस कदर भयभीत हैं कि सामान्य सा बुखार और खांसी को भी कोरोना वायरस समझ बैठते हैं और डर जाते हैं, लेकिन यह भी है कि हर खांसी, जुकाम या बुखार कोरोना नहीं होता है।

खांसी, जुकाम, गले में खराश आमतौर पर हर किसी को कभी न कभी पहले भी हुआ ही होगा। ये कई बार घरेलू उपायों या स्वयं की रोग प्रतिरोधक क्षमता से भी ठीक भी हो जाता है।

कोरोना काल के बीच बदलते मौसम में यह जुकाम, खांसी या बुखार आ सकता है। इसे तुरंत कोरोना नहीं समझा जाना चाहिए। जुलाई में विशेष संचारी अभियान चलेगा, जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन बातों के बारे में घर-घर बताया जाएगा।

नोडल अधिकारी डॉ. अजय भाले कहते हैं कि सामान्य बुखार हो जाए तो लोग कोविड के लक्षण समझ धोखा खा जाते हैं| सामान्य सी छींक या जुखाम होने पर इसे कोरोना वायरस समझ बैठते हैं|

उन्होंने बताया कोरोना पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है, नाक बहती है और बदन में थकान रहती है| वहीं सामान्य जुखाम में ऐसा नहीं होता है, इसमें व्यक्ति बिना दवाई के ही स्वयं के प्रतिरक्षण क्षमता से कुछ दिन में ठीक भी हो जाता है|

डॉ. भाले ने बताया कि किसी भी स्थिति में स्वयं डॉक्टर न बने बिना डॉक्टर के सलाह के कोई भी दवाई लेने से बचे| अगर बुखार और साँस लेने दिक्कत ज्यादा समय तक होती है तो तुरंत अस्पताल में दिखाएं|

साथ ही बुखार और जुखाम पीड़ित व्यक्ति को एहतियात के तौर पर मास्क और भीड़भाड़ वाली जगह से जाने से बचना चाहिए|

जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार बताते हैं कि जून माह को मलेरिया माह के रूप में मनाया जा रहा था| इस दौरान मलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक किया गया| 1 जुलाई से विशेष संचारी अभियान शुरू होगा उसी दौरान दस्तक अभियान मनाया जाएगा|

इस दौरान सभी फ्रंटलाइन वर्कर को कुण्डी और दरवाज़ा बिना छुए ही लोगों को आवाज़ देकर बुलाने के आदेश हैं| साथ ही आशा इस बार घर घर जा कर स्लाइड नहीं बनायेंगी।

सम्बंधित व्यक्ति को स्वास्थ्य केंद्र भेजकर वहीं स्लाइड बनवाई जाएगी| उन्होंने बताया कि आशाओं को आदेश दिया गया है कि बुखार या कोरोना के समांतर लक्षण वाले मरीजों को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें, साथ ही बाहर से लोगों को प्राथमिकता पर देखें|

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया – साल 2018 में मलेरिया के 147 मरीज़ मिले थे, वहीं साल 2019 में मलेरिया के 103 मरीज़ मिले हैं| इस वर्ष अभी तक 11 मरीज़ मिले हैं |

वायरल बुखार और उसके लक्षण

यह बुखार मुख्यतः मौसम और खानपान के बदलने के करण होता है| इस बुखार से बचने से के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होनी चाहिए|

लक्षण

• गले में दर्द
• थकान
• खांसी
• बुखार
• उल्टी\दस्त
• जोड़ो में दर्द

बचाव के तरीके
• आसपास सफाई रखें. किसी भी रूप में गंदगी और पानी ना इकट्ठा होने दें।

• बाहर का खाने से बचें

• मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छर रोधी क्रीम या कॉयल का प्रयोग करें।

• खाना घर का साफ और ताज़ा ही खाएं, किसी भी प्रकार से बासी खाना खाने से बचें

• रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल व सब्जी खाएं।