September 27, 2020

डॉक्टर की गुंडई: बच्ची का शव देने से किया मना,परिजनों को दी जमीन में गड़वाने की धमकी,वीडियो वायरल

रायबरेली : धरती पर भगवान की तरह पूजे जाने वाले डॉक्टर की हैवानियत का एक शर्मनाक मामला समने आया है. रायबरेली में डॉक्टरी पेशे को कलंकित करने वाला, गुंडई का एक नमूना एक डॉक्टर ने पेश किया.

यहां एक मृत बच्ची के परिजनों को पहलवानों द्वारा गड़वा देने की और उसे जेल भिजवाने की धमकी दी जा रही है. इतना ही नहीं उस डॉक्टर द्वारा परिजनों को पूरे पैसे दिए बगैर लाश को भी ले जाने की अनुमति नहीं दे रहा है.

मामला शहर कोतवाली के मधुबन रोड का है. जहां डॉक्टर चंदेल ने आस्था चाइल्ड केयर के नाम से बच्चों का अस्पताल खोल रखा है.

जैसे ही गुंडई का वीडियो वायरल हुआ स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमला हरकत में आया और जांच में जुट गया.

जानें पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार परैया छतोह निवासी जावेद वारसी की 8 साल की भांजी आसिफा बीमार हो गई. परिजन उसे इलाज़ के लिए 11 सितंबर को मधुबन रोड पर संचालित प्राइवेट नर्सिंग होम लाये.

अस्पताल स्टाफ ने उसे तत्काल भर्ती कर लिया और उसका इलाज़ शुरू कर दिया. कुछ घंटों बाद आसिफा की मौत हो गई. जिसपर परिजनों ने रोना पीटना शुरू कर दिया.

ये देख वंहा मौजूद चिकित्सक डॉ धीरज चंदेल ने परिजनों को धमकाना शुरू कर दिया और बचे हुए बिल की रकम जमा कर वंहा से चुपचाप चले जाने का फरमान सुना डाला.

ऐसा न करने पर पुलिस बुलवा कर हवालात में भिजवाने की धमकी भी दे डाली. इससे भी मन नहीं भरा तो गुंडों से उन्हें जमीन में गड़वाने की बात भी बोल डाली.

लेकिन उनकी इस करतूत को परिजनों में से ही किसी ने मोबाइल में कैद कर लिया और आज मामला सोशल मीडिया पर आने से लोगों मे चर्चा का केंद्र बन गया.

बता दें कि वायरल वीडियो की जानकारी जब जिले के स्वास्थ्य महकमे के आला अधिकारी तक पहुंची तो उन्होंने आनन-फानन में अपने अधीनस्थ रिजवान अहमद को जांच के लिए आस्था क्लीनिक भेजा. जहां डॉक्टर चंदेल अपना हॉस्पिटल चलाते हैं.

मौके पर पहुंचे डॉ रिजवान अहमद ने भी गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि एक पक्ष से बात हो चुकी है पर अभी दूसरे पक्ष से बात करना बाकी है क्योंकि वह यहां से अपने घर जा चुके हैं जल्द ही रिपोर्ट सीएमओ को पेश कर देंगे.

एसीएमओ ने क्या कहा?

एडिशनल सीएमओ रिजवान अहमद ने बताया कि एक वीडियो वायरल हुआ है. उसी के संबंध में डॉ. चंदेल के यहां जांच के लिए पहुंचे थे.

जांच में सामने आया है कि जिस मरीज के बच्चे की मौत हुई थी, वह जा चुका है. हालांकि, अभी दोनों पक्षों की बातें सुन कर प्रकरण की जांच की जाएगी. कल सुबह तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी.

जांच में जुटा पुलिस प्रशासन

चूंकि मामला सोशल मीडिया पर घूम चुका था. ऐसे में पुलिस भी हरकत पर आई और पुलिस की टीम में इंस्पेक्टर कोतवाली अतुल सिंह के साथ-साथ प्रशासन के भी लोग आस्था नर्सिंग होम पहुंच गए.

जहां उन्हें पीड़ित पक्ष की डिटेल के साथ साथ सीसीटीवी फुटेज भी मिल गया. फिलहाल अभी पीड़ित पक्ष की तहरीर का इंतजार हो रहा है. उसके बाद पीड़ित को न्याय की उम्मीद है.

वीडियो वायरल होने से हो रही डॉक्टरों की थू – थू

सोचने वाली बात ये है कि जब चिकित्सक ही चिकित्सा जैसे पवित्र पेशे को बदनाम करेंगे तो आम जनता कैसे उन्हें भगवान का दर्जा देगी. फिलहाल चिकित्सक की गुंडई पूरे जनपद में चिकित्सीय सेवाकी किरकिरी करा रही है.

फिलहाल मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह ने मामला संज्ञान में आने की बात कहते हुए जांच कराने की बात कही है.