April 22, 2020

गृह मंत्री अमित शाह की अपील पर डॉक्टर्स ने वापस लिया सांकेतिक प्रदर्शन

नई दिल्ली : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अपील के बाद अपना सांकेतिक प्रदर्शन वापस ले लिया है.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने तमाम डॉक्टरों से बात की और उन्हें सुरक्षा देने का आश्वासन दिया.

डॉक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अमित शाह ने उनके अच्छे काम की सराहना की. इस दौरान अमित शाह ने कहा कि वह आज प्रस्तावित सांकेतिक विरोध प्रदर्शन को न करें.

शाह ने आईएमए को भरोसा दिया कि सरकार उनके साथ है और सभी की सुरक्षा सरकार की प्रार्थमिकता है.

अमित शाह की डाक्टरों के साथ यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब देशभर से कोरोना वायरस से लोहा ले रहे डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले की खबरें आ रही हैं.

डॉक्टरों की मांग है की हमारी सुरक्षा के लिए सेंट्रल एक्ट जल्द लाए और लागू करें. डॉक्टरों ने यह भी कहा था कि अगर हमारी बात नहीं सुनी गई तो हम 23 अप्रैल को ब्लैक डे मनाएंगे, जिसमें देश के सभी डॉक्टर हाथों में काली पटी बांध कर काम करेंगे.

बता दें कि देश में कोरोना वायरस संकट के बीच कोरोना वॉरियर्स पर हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ खुद पर और अस्पतालों पर हो रहे हमलों से खासा नाराज हैं.

इसी को लेकर आईएमए ने डॉक्टरों के साथ हो रही हिंसा के खिलाफ आज विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया था और इस प्रदर्शन को व्हाइट अलर्ट का नाम दिया था.

ऐसी रिपोर्टे देश के विभिन्न भागों से आ रही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज में लगे डाक्टरों के साथ दुर्व्यवहार के साथ ही उनके साथ मारपीट और पथराव करने और लोगों द्वारा उन्हें उनके घरों में घुसने से रोका जा रहा है.

शिलोंग और चेन्नई में कोरोना वायरस के कारण जान गंवाने वाले दो डाक्टरों के परिजनों को उनका अंतिम संस्कार करने तक में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा था.

क्योंकि स्थानीय लोगों का कहना था कि मृतकों को उनके इलाकों में दफनाए जाने से वहां कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा हो सकता है.