खाने-पीने की चीजों में आये उछाल से बढ़ीं जनता की मुश्किलें बोली-कैसे बढ़ाएं इम्यूनिटी

लखनऊ : कोविड 19 की अभी तक कोई दवा नहीं बन पायी है चिकित्सक इससे बचाव हेतु इम्युनिटी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

इसके लिए चिकित्सक प्रोटीनयुक्त खाद्य सामग्री, हरी सब्जियां, फल आदि खाने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन अब इस पर भी महंगाई की मार पड़ने लगी है।

इस वजह से आम आदमी की चिंता बढ़ गई है कि वह जेब संभाले या इम्यूनिटी बढ़ाये. एक तो लॉकडाउन के कारण वैसे ही लोगों की कमाई प्रभावित हुई है। बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार भी हुए हैं।

ऐसे में बजट में कटौती करते हुए लोग जरूरी सामानों की ही खरीदारी के लिए ही बाजार का रुख कर रहे हैं। वहीं, कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में इजाफा अस्थायी है,

संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है, लोग लॉकडाउन की मानसिकता से उबरे नहीं हैं और घर का ही खाना खाया जा रहा है। ऐसे में खपत और मांग दोनों बढ़ी है।

लॉकडाउन का डर भी है कीमत बढ़ने का कारण

लॉकडाउन की वजह से हुई मंदी से लोग इतने परेशान हो चुके हैं कि अगर एरिया में कोई कोरोना मरीज मिलता है तो लोग सामान स्टोर करना शुरू कर देते हैं तमिलनाडु में दोबारा से लॉकडाउन हो चुका है इसके चलते लोगों के मन में डर बैठ गया है.

तेल की कीमत में 10 से 12 रुपये तक आयी तेजी

निशातगंज के किराना कारोबारी अर्चित अग्रवाल और राजाजीपुरम के पवन गुप्ता कहते हैं कि सरसों का जो तेल 108 रुपये में खरीदते थे, अब 128 रुपये प्रति लीटर हो गया है। फुटकर बाजार में 130 रुपये में बिक रहा है

चीनी पर भी महंगाई की मार

वहीं, 36 रुपये किलो में बिकने वाली चीनी 39 रुपये किलो बिक रही है। इस बढ़ोतरी पर थोक कारोबारियों का कहना है कि लॉकडाउन का असर कहीं न कहीं अभी बना हुआ है।

आठ रुपये तक महंगी हुई दाल

अरहर दाल की कीमत आठ रुपये बढ़ गई है। अरहर पुखराज 90 से 95 रुपये प्रति किलो हो गई है। दूसरे अच्छे ब्रांड की दाल 96 से 104 रुपये किलो हो गई है। ऑनलाइन कंपनियां अरहर दाल 104 से 176 रुपये किलो तक बेच रही हैं।

पुखराज की कीमत 84 से बढ़कर 87 रुपये प्रति किलो हो गई। थोक बाजार में कीमत तीन से चार रुपये बढ़ी है। फुटकर बाजार में कीमत में 10-12 फीसदी का अंतर है।

सब्जियाँ खरीदने की भी इजाज़त नहीं दे रही आम आदमी की जेब

सब्जियों के भाव भी बढ़ने लगे हैं। कुछ सब्जियां गर्मी के कारण तो कुछ बरसात शुरू होते ही महंगी होने लगी हैं। तीन महीने से 20 रुपये में बिकने वाला टमाटर 30 से 40 रुपये किलो हो गया।

विक्रेताओं का कहना है कि ज्यादातर टमाटर बंगलुरु से ही आ रहा है। वहीं, आलू के दाम में दस रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

यह 25 से 30 रुपये किलो बिक रहा है। अब शिमला मिर्च 60-80 रुपये और परवल 60 रुपये किलो बिक रहा है. अदरक 100 से 120 रुपये किलो हो गई है।