September 27, 2020

आंगनबाड़ी केंद्र को सुसज्जित कर पोषण माह के तहत लगाई प्रदर्शनी

मुख्य बातें

• समुदाय में जागरूकता के लिए तैयार की गयी ‘किशोरी पोषण सैनानी’

• गोदभराई की मनाई गयी रस्म, छह माह के बच्चों को कराया गया अन्नप्राशन

वाराणसी : नीति आयोग के आदर्श ब्लॉक सेवापुरी में पोषण माह के तहत विभिन्न गतिविधियों के आयोजन पर विशेष रूप से ज़ोर दिया जा रहा है। ब्लॉक के आंगनबाड़ी केन्द्रों को बेहतर तरीके से सुसज्जित कर बच्चों, किशोरियों और गर्भवती को पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है।

इसी क्रम में मंगलवार को ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र मटुका और बाराडीहा में सुपरवाइजर रीता कुशवाहा के सहयोग से विभागीय प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही गर्भवतियों की गोदभराई की रस्म की गयी। छह माह के बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया।

केंद्र पर लगभग 15 किशोरी पोषण सैनानी को तैयार कर प्रशिक्षित किया गया। इसके अलावा पोषण व स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

तैयार की गई ‘किशोरी पोषण सैनानी’

सुपरवाइज़र लालिमा पांडे ने बताया कि ‘किशोरी पोषण सैनानी’ एक नई पहल है जिसमें किशोरियों का व्यवहार परिवर्तन किया जा रहा है ताकि वह पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति समुदाय में जागरूकता ला सकें।

उन्होने बताया कि केंद्र पर गाँव की लगभग 15 किशोरियों को प्रशिक्षित किया गया। साथ ही उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य एवं संतुलित आहार, पोषण वाटिका, सेनेटरी पैड के आसान और कारगर निस्तारण के लिए मटका विधि, हैंडवाश, छह माह तक सिर्फ स्तनपान और उसके बाद पूरक आहार, स्कूल न जाने वाली किशोरियों को प्रेरित करने आदि के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरूकता फैलाने में उनसे सहयोग के लिए कहा।

इसके अलावा किशोरी टेलेंट के अंतर्गत किशोरी कॉर्नर में उनके द्वारा बनाकर लायी गईं विभिन्न प्रकार की वस्तुओं तथा रंगोली का प्रदर्शन किया गया। ‘किशोरी का पिटारा’ कॉर्नर में किशोरियों के विचारों को एकत्रित किया गया।

सुपरवाइज़र रीता कुशवाहा ने बताया कि केंद्र पर लगाई गयी पोषण स्टॉल पर विभिन्न प्रकार के पुष्टाहार से बने पौष्टिक व्यंजन, वेजिटेबल आर्ट, प्री-प्राइमरी एजुकेशन के लिए तरह-तरह के खिलौनो का प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शनी में आने वाले लोगों के लिए हैंडवॉश कॉर्नर बनाया गया जहां पर उन्हें हाथ धोने की विधि बताई गई और हाथ धुलवाया गया।

सेवापुरी विकास खंड की बाल विकास परियोजना अधिकारी सुषमा सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित गर्भवती एवं धात्री माताओं को बताया गया कि उन्हें प्रतिदिन के भोजन में 10 पौष्टिक खाद्य पदार्थों जैसे दलिया, दालें, मोटा अनाज, हरी साग-सब्जी, दूध एवं उससे बने पदार्थ आदि को शामिल करना है।

इसके अलावा कुपोषण की रोकथाम हेतु तरह-तरह के पोस्टर लगाए गए। इस अवसर पर चार गर्भवती की गोदभराई कराई गयी। छह माह के चार बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। बचपन दिवस के तहत दो बच्चों का जन्मदिन मनाया गया।

प्रदर्शनी लगाने और अन्य गतिविधियों के आयोजन में केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शशिकला सिंह, मंजु सिंह, सीमा श्रीवास्तव, नुसरत जहां, बीना यादव, शकुंतला देवी, शमीना देवी पटेल, राजकुमारी, मंजु, बिन्दु जयसवाल, शुभावती एवं सहायिकाओं के साथ-साथ आशा कार्यकर्ताओं का अहम सहयोग रहा।