December 4, 2020

बिहार के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में कौन चल रहा आगे,जानें ताज़ा आंकड़े

नई दिल्ली / पटना : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक आए रुझानों में नीतीश कुमार के चेहरे के साथ चुनाव लड़ रही एनडीए (NDA) को बहुमत मिलता दिख रहा है.

वहीं तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला बिहार महागठबंधन 100 सीटों के इर्दगिर्द दिख रही है. करीब 4 घंटे की काउंटिंग के बाद अब एनडीए 127 और महागठबंधन 106 सीटों पर आगे है

हालांकि इस बीच चुनाव आयोग ने साफ किया है कि चुनाव नतीजों को लेकर कोई अंदाज़ा लगाना फिलहाल जल्दबाजी होगी.

कौन चल रहा आगे और कौन है पीछे?

ताज़ा रूझानों के मुताबिक एनडीए और महागठबंधन में कांटे की टक्कर चल रही है. जहाँ मधेपुरा से पप्पू यादव पीछे चल रहे हैं. गया शहर से बीजेपी के प्रेम कुमार आगे चल रहे हैं. शिवहर से आरजेडी के चेतन आनंद आगे चल रहे हैं.

पटना साहिब से बीजेपी के नंदकिशोर यादव आगे चल रहे हैं. राघोपुर से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव आगे चल रहे हैं. हसनपुर से आरजेडी नेता तेज प्रताप भी आगे चल रहे हैं.

मोकामा से आरजेडी के अनंत सिंह आगे चल रहे हैं. इमाम हंज से जितनराम मांझी आगे चल रहे हैं. मधेपुरा से पप्पू यादव पीछे चल रहे हैं. राघोपुर से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव आगे चल रहे हैं.

जमालपुर से नीतीश सरकार में मंत्री शैलेश कुमार पीछे चल रहे हैं. किशनगंज और शेखपुरा से कांग्रेस आगे चल रही है. पूर्णिया से बीजेपी आगे चल चल रही है. बांका से बीजेपी और सिवान से आरजेडी आगे चल रही है. 

आज रात तक होगा तय कि कौन होगा नया मुख्यमंत्री?

बिहार में तीन चरणों 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को मतदान का कार्य किया गया था. आज तय हो जाएगा कि अगले पांच सालों तक बिहार की सत्ता किसके पास होगी.

बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, पूर्वी चंपारण, सीवान, बेगूसराय और गया में तीन-तीन नालंदा, बांका, पूर्णिया, भागलपुर, दरभंगा, गोपालगंज, सहरसा में दो-दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं.

पहला परिणाम दिन के तीन बजे तक आने की संभावना है. बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एच आर श्रीनिवास ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा स्थापित की है.

बता दें कि पिछले साल विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया था. इस आदेश के अनुसार, हर विधानसभा क्षेत्र से 1 की बजाय 5 EVM के नतीजों का VVPAT की पर्चियों से मिलान करना अनिवार्य है.

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को ज्यादा विश्वसनीय बनाने के लिए ये आदेश दिया था. कोर्ट ने जिस याचिका पर ये आदेश दिया है, वो 21 विपक्षी पार्टियों ने दाखिल की थी.