प्रकृति और जीवन के नजदीक है चित्रकारी की गोंड कला- कंचन जायसवाल

झांसी : राजकीय संग्रहालय झांसी एवं कमला दयाल फाउंडेशन लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की सहायक आचार्य आरती वर्मा द्वारा गोंड कला पर आधारित एकल चित्रकला प्रदर्शनी “बाना” का आयोजन राजकीय संग्रहालय की कला दीर्घा में किया गया।

प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. कंचन जायसवाल, सदस्य, राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश, ने कहा की गोंड कला प्रकृति और जीवन पर आधारित सुंदर अभिव्यक्ति है। इस प्रकार की प्रदर्शनी से समाज में आदिवासी लोक परंपराओं के प्रति जागरूकता फैलती है और हम उसे करीब से जान सकते हैं।

कलाकार आरती वर्मा ने बताया की प्रदर्शनी में उन्होंने गोंड कला के माध्यम से ‘विष्णु के दशावतार’, ‘कोरोना’ एवं ‘प्रकृति और जीवन’ विषय पर पेंटिंग्स का प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही विशेष रूप से महिला केंद्रित चित्र का भी लोकार्पण मुख्य अतिथि द्वारा किया गया।

प्रदर्शनी के क्यूरेटर एवं कला निर्देशक संजीव गुप्ता ने सभी अतिथियों को प्रत्येक चित्र के विषय में विस्तार से जानकारी दी. उपस्थित अतिथियों द्वारा प्रदर्शित चित्रों पर आधारित कैटलॉग का विमोचन किया गया.

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ इतिहासकार एवं समाजसेवी मुकुंद मेहरोत्रा, सदस्य राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश किशन सोनी, उप निदेशक राजकीय संग्रहालय झांसी आशा पांडे, समन्वयक ललित कला संस्थान बुंदेलखंड विश्वविद्यालय डॉ सुनीता, समन्वयक पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी डॉ कौशल त्रिपाठी, कामिनी बघेल, डॉ मधु श्रीवास्तव, मृदुला, अचल सिंह चिराग, मोइन अख्तर, डॉ अजय गुप्ता, डॉ बृजेश परिहार, ऋषि कांत शर्मा, फातिमा, साधना, निरंजन के साथ ही अनेक कला प्रेमी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।