November 28, 2019

पुरुष नसबंदी अपना बन रहें नयी मुहिम का हिस्सा

वाराणसी : काशी के कई चौराहों पर पुरुष नसबंदी कैनोपी की शुरुआत , चार दिसंबर चलेगा सेवा प्रदायगी चरण मिलेंगी निःशुल्क सेवाएँ .

‘मैंने अपनाई पुरुष नसबंदी और निभाई अपनी ज़िम्मेदारी’ कुछ इसी अंदाज में इच्छुक लाभार्थी राजेश कुमार गुप्ता (27 वर्ष) ने पुरुष नसबंदी कराने के निर्णय लिया।

राजेश ने बताया – उन्हें एक लड़का और एक लड़की है और आगे वह एक भी बच्चा नहीं चाहते हैं जिस वजह से उन्होने पुरुष नसबंदी करवाने का फैसला लिया है और वह इस फैसले से खुश भी हैं। जब राजेश को पता चला कि पुरुष नसबंदी कराने पर सरकार 2000 रुपये भी देती है तो उन्होने सरकार की इस मुहिम में अपना भी योगदान दिया।

यह वाक्या वृहस्पतिवार को गुरुधाम चौराहे पर लगाए गए ‘पुरुष नसबंदी कैनोपी’ में हुआ। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वीबी सिंह और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एके मौर्य ने पुरुष नसबंदी पखवाड़े के दूसरे चरण सेवा प्रदायगी चरण (28 नवम्बर से 4 दिसंबर 2019) एवं पुरुष नसबंदी कैनोपी की शुरुआत फीता काटकर की।

05 दिसंबर तक मिलेगी सुविधा

यह कैनोपी स्वास्थ्य विभाग, पीएसआई और टीएसयू के संयुक्त समन्वय से काशी के कई चौराहों चौंकाघाट, मँड़ुआडीहा, हुकूलगंज, गुरुधाम, चेतगंज, राजघाट के समीप भदऊँ और अर्दली बाजार पर लगाया गया है। यह सुविधा 05 दिसंबर 2019 तक उपलब्ध रहेगी। इसमें आशा कार्यकर्ता और पीएसआई के अन्य सदस्य सुबह 7 बजे से 10 बजे तक मौजूद और लाभार्थियों को प्रेरित कर नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र ले जाएंगे।

प्रतिदिन मिल रही निःशुल्क सेवाएँ

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वीबी सिंह ने कहा – परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों की भी अहम भूमिका होनी चाहिए जिससे जिले के प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार आ सके और साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी कमी लायी जा सके। उन्होने बताया – इच्छुक लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आसान सेवा प्रदान कराने के लिए प्रतिदिन एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय, दुर्गाकुंड और चौंकाघाट सीएचसी एवं सभी ब्लॉक सीएचसी पर पुरुष एवं महिला नसबंदी के साथ ही आधुनिक गर्भनिरोधक संसाधन जैसे कॉपर टी, अंतरा इंजेक्शन, छाया गोली एवं कंडोम बॉक्स पहले से ही उपलब्ध है।

प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी पुरुष नसबंदी दो चरणों में मनाए जा रहा है। इसमें 21 से 27 नवंबर तक दंपत्ति संपर्क चरण चलाया गया जिसमें आशा एव एएनएम द्वारा इच्छुक योग्य दंपतियों की पहचान कर पंजीकरण किया गया। इसके साथ ही पुरुष नसबंदी के लिए व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने एवं पुरुष नसबंदी की सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक स्थलों और स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रचार-प्रसार सामग्री को प्रदर्शित किया। वहीं दूसरा 28 नवंबर से 4 दिसंबर तक सेवा प्रदायगी चरण शामिल है जिसमें इच्छुक पुरुष एवं महिला लाभार्थियों को नसबंदी की निःशुल्क सुविधाएं दी जाएंगी।

इस वर्ष अप्रैल से लेकर अक्टूबर माह तक जिले में 128 पुरुष नसबंदी की गयी जबकि पिछले वर्ष 2018-19 में 46 पुरुष नसबंदी की गयी थी। वहीं इस वर्ष अक्टूबर माह तक 3,931 महिला नसबंदी की गयी जबकि पिछले वर्ष लगभग 11,000 महिला नसबंदी की गईं थी।

इस अवसर पर एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ राजेश प्रसाद, पीएसआई के महाप्रबंधक समरेन्द्र बेहरा, जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ मुरारी प्रसाद, पीएसआई सिटी मैनेजर कृति पाठक, प्रोजेक्ट कोओर्डिनेटर अखिलेश, टीम लीडर विकास कुमार, सहायक विजय लक्ष्मी, सुनीता, आशा, अलंका, पूनम, मोनिका एवं आशा कार्यकर्ता कुसुम और शकुंतला मौजूद रहीं।