EMI टालने के लिए OTP शेयर किया तो खाता हो जाएगा खाली,बैंकों ने किया सावधान

नई दिल्ली : जहां एक ओर देश कोविड-19 जैसी महामारी से पीड़ित है और सभी को मिलकर सहयोग करने की जरूरत है तो वहीं दूसरी ओर लॉकडाउन में भी ठगी करने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे.

अब उन्होंने ठगी का नया तरीका ढूंढ़ लिया है. अब वे लोन की ईएमआई टालने के लिए कॉल करके मैसेज भेजकर लोगों को चूना लगा रहे हैं. बैंकों ने ऐसे कॉल या मैसेज के प्रति अपने ग्राहकों को आगाह किया है.

बता दें कि इस तरह के साइबर ठग बैंक प्रतिनिधि के रूप में फोन कर लोगों को यह झांसा देते हैं कि उनकी ईएमआई तीन महीने तक माफ की जा रही है.

इसके बाद वे एक ओटीपी साझा करने को कहते हैं. अगर किसी ने भूलवश ओटीपी साझा कर दी तो उसके खाते से सारी रकम निकाल ली जाती है.

इसीलिए अब बैंक अपने ग्राहकों को मेल, ट्वीट या मैसेज के माध्यम से ऐसी ठगी के प्रति सावधान रहने के लिए कह रहे हैं.

SBI ने दी चेतावनी

इस पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ट्वीट कर चेतावनी दी है कि इन साइबर ठगों से बचने का एकमात्र तरीका सावधान और जागरूक रहना है. कृपया इस बात को समझ लें कि ईएमआई को टालने के लिए ओटीपी नंबर की जरूरत नहीं पड़ती है.

अपना ओटीपी किसी से भी शेयर नहीं करें. अपने लोन की ईएमआई को टालने के लिए बैंक की वेबसाइट https://bank.sbi/stopemi पर संपर्क करें.’

ICICI ने भी किया सावधान

इसी तरह निजी क्षेत्र के ICICI बैंक ने अपने ग्राहकों को आगाह करते हुए कहा है, ‘कोई भी बैंक आपके ईएमआई या ब्याज भुगतान को टालने के लिए कभी भी ओटीपी, यूजर आईडी या पासवर्ड जैसे आपके गोपनीय बैंकिंग डिटेल नहीं मांगता. इसलिए सचेत रहें और सुरक्षित बैंकिंग अपनाएं.’

रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए थे निर्देश

कोरोना की वजह से मौद्रिक नीति समीक्षा समय से पहले पेश करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह घोषणा की थी कि बैंकों को यह इजाजत दी जा रही है ​कि वे टर्म लोन के मामले में ग्राहकों की ईएमआई वसूली तीन महीने के लिए टाल दें. इस कर्ज वापसी न होने को बैंकों को एनपीए खाते में न रखने की छूट दी जाएगी.

इसके बाद सभी बैंकों ने रिजर्व बैंक की इस सलाह पर अमल करते हुए लोन की ईएमआई को तीन महीने तक टाल देने की सुविधा दी है.

लेकिन अब कुछ गलत मानसिकता वाले साइबर ठग इसका भी फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.