October 14, 2021

भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल बाद रचा इतिहास,जर्मनी को 5-4 से हरा जीता कांस्य पदक

नई दिल्ली : आज भारतीय हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रच दिया है. 41 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत को हॉकी में पदक मिला है।

भारतीय हॉकी टीम ने जर्मनी को 5-4 से हराकर ओलंपिक में कांस्य पदक अपने नाम कर लिया।

सिमरनजीत सिंह के दो गोल की बदौलत भारत ने रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंचे कांस्य पदक के प्ले आफ मुकाबले में जर्मनी को 5-4 से मात दी।

भारतीय हॉकी टीम की इस उपलब्धि के बाद देश में जश्न का माहौल है. नेताओं ने भी ट्वीट करके भारतीय हॉकी टीम को बधाईयां दी हैं.

इस से पहले भारत ने वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में 1980 के मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था.

मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग में तीसरे स्थान पर मौजूद भारत ने इस मुकाबले में खराब शुरुआत की और जर्मनी ने मैच के पहले मिनट में ही गोल कर 0-1 बढ़त बना ली.

जर्मनी की ओर से तिमुर ओरुज ने ये गोल किया. भारत को पांचवे मिनट में वापसी का मौका मिला लेकिन रुपिंदर पाल सिंह पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करने में नाकाम रहे.

पहले क्वॉर्टर खत्म होने के बाद भारत पर जर्मनी ने 0-1 की बढ़त बनाए रखी. हालांकि भारत के गोलकीपर श्रीजेश ने इस क्वॉर्टर में कुछ शानदार बचाव किए.

बता दें कि आठ बार की ओलंपिक चैंपियन और दुनिया की तीसरे नंबर की भारतीय टीम एक समय 1-3 से पिछड़ रही थी, लेकिन दबाव से उबरकर आठ मिनट में चार गोल दागकर जीत दर्ज करने में सफल रही.

भारत के लिए सिमरनजीत सिंह (17वें मिनट और 34वें मिनट) ने दो जबकि हार्दिक सिंह (27वें मिनट), हरमनप्रीत सिंह (29वें मिनट) और रूपिंदर पाल सिंह ने एक-एक गोल किया.

1980 में भारतीय हॉकी टीम न मास्को ओलंपिक में जीता था अंतिम पदक

भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन ने ना सिर्फ कांस्य पदक जीता बल्कि सभी का दिल भी जीतने में सफल रही.

आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे ग्रुप मैच में 1-7 की करारी हार के बावजूद भारतीय टीम अपने बाकी चारों ग्रुप मैच जीतकर दूसरे स्थान पर रही.

टीम को सेमीफाइनल में विश्व चैंपियन बेल्जियम को शुरुआती तीन क्वार्टर में कड़ी चुनौती देने के बावजूद 2-5 से हार झेलनी पड़ी.

भारतीय टीम 1980 मास्को ओलंपिक में अपने आठ स्वर्ण पदक में से आखिरी पदक जीतने के 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीती है.