CHO व ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों को संक्रमण रोकथाम का दिया गया प्रशिक्षण

मुख्य बातें

  • कोविड प्रोटोकॉल का करें पालन
  • हाथों की स्वच्छता व सोशल डिस्टेंसिंग के दिए निर्देश

बाँदा : जनपद में स्वास्थ्य विभाग आम जन के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों को भी कोविड-19 के संक्रमण से बचाने का प्रयास कर रहा है।

जिसके तहत उन्हें संक्रमण की रोकथाम का प्रशिक्षण देकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में जनपद के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर तैनात सामुदियक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) व ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों को संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान जिला परामर्शदाता क्वालिटी एश्योरेंस डॉ. सतेन्द्र शुक्ला ने हैंड हाइजीन, पीपीई किट के उपयोग, उपकरणों की सफाई, पर्यावरण नियंत्रण व बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के बारे विस्तार से जानकारी दी।

साथ ही कोरोना संक्रमित मरीज से अपनी सुरक्षा करने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य केंद्र को भी संक्रमण से मुक्त रखना जरूरी है।

हाथों की स्वच्छता बनाए रखने से संबंधित हैंड वाशिंग स्टेप सिखाए। प्रशिक्षण में स्वयं सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट पहने व उतारते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया गया।

उन्होंने कहा कि जितना महत्वपूर्ण पीपीई किट पहनते समय ध्यान देना है उससे कहीं अधिक संक्रमित मरीज के संपर्क में आने के बाद उसे उतारते समय सावधानी बरतनी होगी।

जरा सी चूक हमें संक्रमित कर सकती है। उन्होने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता कम होने से संक्रमण के फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

साथ ही उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को सामाजिक दूरी बनाकर रखने और कोविड प्रोटोकॉल का हर हाल में पालन करने के निर्देश दिए। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर एन प्रसाद भी शामिल रहे।

बड़ी संख्या में आ रहे प्रवासियों की स्क्रीनिंग में भी जुटे सीएचओ

जमालपुर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ लक्ष्मी देवी ने कहा – इन दिनों बड़ी संख्या में प्रवासी जनपद वापस लौट रहे हैं।

आरबीएसके टीमों के साथ सीएचओ भी उनकी थर्मल स्क्रीनिंग में जुटे हैं। ऐसे में अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है। कोविड को लेकर यह प्रशिक्षण बाकी प्रशिक्षणों से अलग था।

इसमें खासतौर पर हाथों की स्वच्छता और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर दिया गया जिससे स्वयं के साथ-साथ अस्पताल परिसर को भी संक्रमण मुक्त रखा जा सके।