October 13, 2021

कर्नाटक: ऑनलाइन गेमिंग बैन करने पर ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

कर्नाटक : कर्नाटक हाईकोर्ट में ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (AIGF), स्कील बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री और तीन ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने ऑनलाइन गेमिंग प्रतिबंध को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है.

इन कंपनियों द्वारा कर्नाटक पुलिस (संशोधन) अधिनियम 2021 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है.

शामिल है ये कंपनियां

इन कंपनियों में हेड डिजिटल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड (A23), Play Games24x7 Private Limited (RummyCircle और My11Circle) और गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (RummyCulture and Gamezy) शामिल हैं.

विजय दशमी के बाद की जाएगी याचिका की सुनवाई 

फिलहाल कर्नाटक हाईकोर्ट दशहरा की छुट्टी पर है, और यह 16 अक्टूबर तक बंद रहेगा. इसलिए याचिका की सुनवाई 16 अक्टूबर तक होने की उम्मीद नहीं है.

AIGF के सीईओ रोलैंड लैंडर्स ने एक बयान में कहा, हमें सरकार द्वारा विदेशी जुआ कंपनियों से निपटने में कोई परेशानी नहीं है, वास्तव में, हमने एक संगठन के रूप में इसके खिलाफ एक मजबूत रुख अपनाया है और ऐसा करना जारी रखेंगे.

याचिका घरेलू ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को नुकसान पहुंचाएगी और हमने यह कार्रवाई उसके हितों की रक्षा के लिए की है.

ये याचिकाएं मद्रास उच्च न्यायालय के एक ऐतिहासिक फैसले के कुछ ही महीनों बाद आई हैं, जिसमें इसी तरह के तमिलनाडु गेमिंग और पुलिस कानून (संशोधन) अधिनियम 2021 को रद्द कर दिया गया था, जिसमें ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जो दांव पर असली पैसे के साथ खेले गए थे.

कई आत्महत्याओ का कारण बना ऑनलाइन सट्टेबाजी का खेल- राज्य

वहीं राज्य ने हाई कोर्ट को जानकारी देते हुए कहा था कि उसने प्रतिबंध इसलिए लगाया था, क्योंकि ऑनलाइन सट्टेबाजी के खेल के कारण कई आत्महत्याएं हुई.

राज्य ने यह भी तर्क दिया कि रम्मी और पोकर जैसे खेल खेलना आदत बन जाता है. सिर्फ दो हफ्ते पहले, केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा लगाए गए ऑनलाइन रमी पर प्रतिबंध को रद्द कर दिया था .

केरल सरकार ने एक अधिसूचना जारी की थी जिसमें केरल गेमिंग एक्ट, 1960 के तहत प्रतिबंध लगाया गया था.

न्यायमूर्ति टीआर रवि की पीठ ने कहा कि अधिसूचना अनुच्छेद 19(1)(जी) के खिलाफ है. अदालत ने यह भी कहा कि “दांव के लिए खेलना या दांव के लिए नहीं खेलना कभी भी यह पता लगाने का मानदंड नहीं हो सकता कि खेल कौशल का खेल है और मौके का नहीं”.