पतंजलि ने कोरोनिल को दी तिलांजलि,कहा ‘हमने कोरोना खत्म करने की कोई दवा नहीं बनाई’

नई दिल्ली : बीते दिनों बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने कोरोना से निपटने की आयुर्वेदिक दवा ‘कोरोनिल’ तैयार करने का दावा किया था जिसपर शुरू से ही विवाद चल रहा है.

लेक़िन अब तो पतंजलि अपने किये गये दावों से पूरी तरह पलट गयी है. इस दवा को पतंजलि आयुर्वेद समूह की कंपनी दिव्य फार्मेसी ने तैयार किया है।

बता दें कि मिली जानकारी के मुताबिक पतंजलि ने उत्तराखंड के आयुष विभाग की ओर से जारी नोटिस के जवाब में कहा है कि उसकी ओर से कोरोना खत्म करने की कोई दवा नहीं बनाई गई है।

जबकि बीते मंगलवार को ही बाबा रामदेव और उनकी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के CEO आचार्य बालकृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोरोना से निपटने की दवा तैयार करने का दावा किया था।

केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने मामले के संज्ञान में आते ही दवा के प्रचार और बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही कंपनी से दवा के बारे में पूरी जानकारी मांगी कि दवा का कब ट्रायल किया गया और वह किन तत्वों से बनी है।

इसके बाद उत्तराखंड आयुष विभाग ने 24 जून को पतंजलि को नोटिस जारी किया था और इस संबंध में 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा था।

इस सम्बन्ध में उत्तराखंड के आयुष विभाग के लाइसेंस अधिकारी ने खुद सामने आते हुए कहा था कि उनकी ओर से पतंजलि को इम्युनिटी बूस्टर तैयार करने का लाइसेंस दिया गया था।

उनका कहना था कि पतंजलि ने अपने लाइसेंस में दवा तैयार करने की बात ही नहीं कही थी। पतंजलि आयुर्वेद पर कांग्रेस शासित राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों ने भी शिकंजा कसा है।

इन दोनों ही सरकारों ने कहा है कि यदि राज्य में पतंजलि की दवा का प्रचार होता है या फिर सेल होती है तो फिर कंपनी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय आयुष मंत्री ने पतंजलि की ओर से दवा तैयार करने के दावे को लेकर कहा था कि यह अच्छी बात है कि इस संकट में उन्होंने इस तरह का प्रयास किया है, लेकिन नियमों का पालन किया जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा था कि पतंजलि को कोई भी दवा लॉन्च करने से पहले मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए भेजना चाहिए था।

बता दें कि कोरोना के संकट के बीच दुनिया भर में करीब 100 दवाओं पर काम चल रहा है, लेकिन अब तक किसी पर भी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।