कोरोना का डेटा एकत्र कर रही आशा कार्यकर्ता पर लोगों ने किया हमला

बेंगलुरु : देश कोविड -19 जैसे भयानक महामारी से जूझ रहा है जिसके खतरे से बचने के लिये भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. जिसके चलते स्वास्थ्य और अन्य सेवा से जुड़े लोग कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में डटे हैं.

पर बता दें कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस लड़ाई में और भी परेशानियाँ खड़ी कर रहे हैं. यह लोग हालात की गंभीरता को ना समझते हुए गलत तरीके अपना रहे हैं

खबरों के मुताबिक कर्नाटक की एक आशा कार्यकर्ता के ऊपर कोरोना वायरस से संबंधित डेटा एकत्र करने के दौरान हमला हुआ है।

दरअसल आशा कार्यकर्ता कृष्णवेनी ने बताया कि ब्याटारायणपुरा में कोविड-19 से जुड़े डेटा इकट्ठा करते वक्त मेरे ऊपर हमला किया गया।

उन्होंने कहा कि यह समस्या तब शुरू हुई जब पास के एक मस्जिद से हमारे खिलाफ घोषणा की गई। उनका कहना है कि जिसने भी यह घोषणा की है उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

बता दें कि देश में कोरोना वायरस की वजह से अब तक 2000 से भी ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 50 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें 171 लोग पूरी तरह से इससे ठीक भी हुए हैं इसलिए घबराएं नहीं और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह करें और दूसरों को भी करने दें.