April 17, 2021

पीएम मोदी ने किया पहले ‘इंडिया टॉय फेयर-2021’ का उद्घाटन, बोले-खिलौना उद्योग में छिपी है देश की ताकत

नई दिल्ली : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंडिया टॉय फेयर 2021 का उद्घाटन किया.

भारत खिलौना मेला-2021 के उद्घाटन समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आप सभी से बात करके ये पता चलता है कि हमारे देश के खिलौना उद्योग में कितनी बड़ी ताकत छिपी हुई है।

इस ताकत को बढ़ाना, इसकी पहचान बढ़ाना,आत्मनिर्भर भारत अभियान का बहुत बड़ा हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पहला खिलौना मेला केवल एक व्यापारिक या आर्थिक कार्यक्रम भर नहीं है।

यह कार्यक्रम देश की सदियों पुरानी खेल और उल्लास की संस्कृति को मजबूत करने की एक कड़ी है। मालूम हो कि भारत खिलौना मेला के लिए अभी तक 10 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।

इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि प्राचीन काल में दुनिया के यात्री जब भारत आते थे, तो भारत में खेलों को सीखते भी थे और अपने साथ लेकर भी जाते थे. आज जो शतरंज दुनिया में इतना लोकप्रिय है, वो पहले ‘चतुरंग या चादुरंगा’ के रूप में भारत में खेला जाता था.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक लूडो तब ‘पच्चीसी’ के रूप में खेला जाता था. हमारे धर्मग्रन्थों में भी आप देखिए, बाल राम के लिए अलग-अलग कितने ही खिलौनों का वर्णन मिलता है.

प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि ज्यादातर भारतीय खिलौने प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल चीजों से बनते हैं, उनमें इस्तेमाल होने वाले रंग भी प्राकृतिक और सुरक्षित होते हैं.

उन्होंने कहा, ‘आज मैं देश के खिलौना निर्माताओं से भी अपील करना चाहता हूं कि आप ऐसे खिलौने बनाएं जो इकॉलजी और साइकॉलजी दोनों के लिए बेहतर हों!

रीयूज और रीसायकलिंग जिस तरह से भारतीय जीवनशैली का हिस्सा रहे हैं, वही हमारे खिलौनों में भी दिखता है.

क्या हम ये प्रयास कर सकते हैं कि खिलौनों में कम से कम प्लास्टिक का उपयोग करें? ऐसी चीजों का उपयोग करें जिन्हें रिसायकिल कर सकते हैं.’

तैयार है राष्ट्रीय खिलौना कार्य योजना – प्रधानमंत्री मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय खेल और खिलौनों की ये खूबी रही है कि उनमें ज्ञान होता है, विज्ञान भी होता है, मनोरंजन होता है और मनोविज्ञान भी होता है.

जैसे कि उदाहरण के तौर पर लट्टू को ही देखें. जब बच्चे लट्टू से खेलते हैं तो लट्टू खेल खेल में ही उन्हें गुरुत्वाकर्षण और संतुलन का पाठ पढ़ा जाता है. 

पीएम ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्ले-आधारित और गतिविधि-आधारित शिक्षा को बड़े पैमाने पर शामिल किया गया है.

ये एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था है जिसमें बच्चों में पहेलियों और खेलों के माध्यम से तार्किक और रचनात्मक सोच बढ़े, इस पर विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खिलौनो के क्षेत्र में भारत के पास परंपरा भी है और प्रौद्योगिकी भी है, भारत के पास अवधारणाएं भी हैं, और प्रतिस्पर्धी भी हैं ।

हम दुनिया को पर्यावरण के अनुकूल खिलौने की ओर वापस लेकर जा सकते हैं, हमारे सॉफ्टवेयर इंजीनियर कंप्यूटर गेम के जरिये भारत की कहानियों को दुनिया तक पहुंचा सकते हैं.

पीएम ने कहा कि अब देश ने खिलौना उद्योग को 24 प्रमुख क्षेत्रों में दर्जा दिया है. राष्ट्रीय खिलौना कार्य योजना भी तैयार हो गई है.

इसमें 15 मंत्रालयों और विभागों को शामिल किया गया है ताकि ये उद्योग प्रतिस्पर्धी बने, देश के खिलौनों में आत्मनिर्भर बनें, और भारत के खिलौने दुनिया में भी जाएं.

मोदी ने कहा कि अगर आज मेड इन इंडिया की मांग है तो आज भारत में हस्तनिर्मित की मांग भी उतनी ही बढ़ रही है.

आज लोग खिलौनों को केवल एक उत्पाद के रूप में ही नहीं खरीदते हैं बल्कि उस खिलौने से जुड़े अनुभव से भी जुड़ना चाहते हैं. इसलिए हमें हस्तनिर्मित भारत में भी बढ़ावा देना है.