October 7, 2022

प्रदूषण का कहर: दिल्ली में 1 सप्ताह के लिए स्कूल और दफ्तर बंद, लॉकडाउन पर विचार कर रहे हैं पर्यावरण मंत्री

नई दिल्ली : देश की राजधानी में प्रदूषण का कहर इस तरह छाया हुआ है कि अगले कुछ दिनों तक इसके प्रकोप से राहत मिलती नहीं दिख रही है.

बताया जा रहा है हवा की सुस्त रफ्तार के साथ कोहरा प्रदूषण की मुसीबत और बढ़ाएगा. इस दौरान हवा के गंभीर या बेहद खराब श्रेणी में रहने की आशंका है.

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कहा, “17 नवंबर तक के लिए सभी कंस्ट्रक्शन के काम को बंद कर दिया गया है.

लॉकडाउन को लेकर दिल्ली सरकार अपना एक प्रस्ताव कोर्ट में जमा करेगी. किस तरह से लॉकडाउन लगाया जाए और कोर्ट के निर्णय के हिसाब से सरकार फैसला लेगी.”

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, “दिल्ली के अंदर अगर हम कोई फैसला लेते हैं, तो वे पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लागू नहीं होते हैं.

दिल्ली में हमने स्कूल बंद कर दिए हैं. दिल्ली-एनसीआर में अगर प्रदूषण होता रहेगा, तो वो दिल्ली में आएगा. प्रदूषण की समस्या दिल्ली की समस्या नहीं है.

बीते दो माह से जो हम दिल्ली के लिए कर सकते हैं, वो कर रहे हैं, लेकिन ये मिलकर ही संभव है. पराली दिल्ली में नहीं जलती है. दिल्ली में अलग तरह का प्रदूषण है, जिसको कम करने के लिए हम काम कर रहे हैं.

दिवाली के बाद जो दिल्ली की हालात हुई है उसका समाधान निकालना होगा. हम किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं. हमें जो करना है, वो हम कर रहे हैं, पहले दिन से कर रहे हैं.

हम उनका सहयोग इसलिए मांग रहे हैं, क्योंकि ये राज्य का मामला नहीं है. वो अपना काम कर रहे हैं, हम अपना काम करेंगे.”

राष्ट्रीय राजधानी में एक सप्ताह के लिए बंद किए गए स्कूल-दफ्तर 

शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को आपातकालीन स्थिति बताते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार से कहा था कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए आपात कदम उठाएं.

इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आपात बैठक बुलाई और प्रदूषण से जंग को स्कूल-दफ्तर बंद करने समेत कई बड़े कदम उठाने का फैसला लिया.

सीएम केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर विचार किया गया है और इसको लेकर कोर्ट के समक्ष दिल्ली सरकार अपना पक्ष रखेगी.

सीएम ने कहा कि दिल्ली के स्कूल सोमवार से एक सप्ताह के लिए बंद रहेंगे. इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं ही चलेंगी.

सरकारी दफ्तर भी एक हफ्ते के लिए बंद रहेंगे और कर्मचारी घरों से काम करेंगे. वहीं 17 नवंबर तक सभी निर्माण गतिविधियां बंद रहेंगी.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये फैसला जहरीली धुंध की वजह से लिया गया है।

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