December 4, 2020

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान: गर्भवतियों को मिली प्रसव पूर्व जांच की सुविधा

मुख्य बातें

  • स्वास्थ्य केन्द्रों पर पीएमएसएमए दिवस का हुआ आयोजन
  • जिला महिला अस्पताल में 62 गर्भवतियों की हुई जांच

महोबा : कोविड-19 के कारण बाधित हुई स्वास्थ्य सेवाएं धीरे-धीरे पटरी पर आ रही हैं। अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं, टीकाकरण और परिवार नियोजन सेवाओं के साथ गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच की सुविधा दी जा रही है।

इसीक्रम में सोमवार को जिला महिला अस्पताल सहित सभी ब्लाक व शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन हुआ।

जिला महिला अस्पताल में 62 गर्भवतियों की प्रसवपूर्व जांच की गई। महिलाओं को फल भी वितरित किए गए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमके सिन्हा ने बताया कि कोरोना संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसलिए बहुत एहतियात बरतने की जरूर है। अभी लोग अस्पताल आने में डर रहे हैं।

मां व गर्भस्थ शिशु को सुरक्षित करने के लिए पीएमएसएमए में तेजी लाई जा रही है। अभियान के तहत हर माह की नौ तारीख को गर्भवतियों को मिलने वाली प्रसवपूर्व जांच संबंधी सेवाओं को फिर शुरू कर दिया गया है।

दिवस के आयोजन में इन्फेक्शन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल प्रोटोकॉल के पालन से सम्बंधित निर्देश पूर्व में ही सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को दिए जा चुके हैं। स्वास्थ्य केन्द्रों पर होने वाली जांचों में वजन, हीमोग्लोबिन, बीपी, शुगर, एचआईवी, सिफलिस आदि शामिल हैं।

जांच के दौरान उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं पर विशेष निगरानी रखी जाती है। यह सभी सेवाएं निःशुल्क हैं।

जनपदीय सलाहकार मातृत्व स्वास्थ्य मान सिंह के मुताबिक समस्त गर्भवती महिलाओं के गर्भ की द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास में कम से कम एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ अथवा एलोपैथिक चिकित्सक की देख-रेख में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण होना जरूरी है।

इसके साथ ही टेटनस का टीका, आयरन व कैल्शियम की गोलियाँ व अन्य आवश्यक दवाएं डॉक्टर के परामर्श अनुसार लेनी चाहिए ताकि गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद के जोखिम से बचाव हो सके और बच्चे को जन्मजात रोगों से भी बचाया जा सके।