January 25, 2021

वैक्सीन के लिए पंजीकरण अनिवार्य, दिखाने होंगे आईडी कार्ड

मुख्य बातें

• कोविड संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित व असरदार

कोरोना वैक्सीन स्वैच्छिक, 28 दिनों के अन्तराल पर लेने होंगे दो डोज़

• स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी की पुस्तिका की गाइडलाइन्स

ललितपुर : राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए वैक्सीन देने की तैयारी जोरों पर है । इसके लिए कल जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ड्राई रन यानी पूर्वाभ्यास भी किया गया है।

हालांकि वैक्सीनेशन को लेकर आमजन अब थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन अब भी अधिकतर के मन में टीकाकरण के प्रति कई सवाल भी हैं।

इस दिशा में परिवार कल्याण मंत्रालय ने टीकाकरण से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देते हुए एक पुस्तिका जारी कर टीकाकरण से संबंधित आशंकाओं व भ्रांतियों को भी दूर किया है ।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उच्च जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन के लिए चिन्हित किया गया है।

इन्हें तीन समूहों में बांटा गया है- पहले समूह में हेल्थकेयर दूसरे समूह में पुलिस, सेना, अर्द्ध सेना बल, सफाई कर्मचारी आदि शामिल हैं| और तीसरे समूह में 50 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति तथा जो पहले से ही किसी रोग से ग्रसित हैं| इसके बाद अन्य आम लोगों को वैक्सीन उपलब्ध कराया जायेगा ।

दूसरे देशों की तरह वैक्सीन भारत में भी प्रभावी:

भारत में कोरोना वैक्सीन उतनी ही प्रभावी होगी जितनी अन्य देशों द्वारा विकसित वैक्सीन, वैक्सीन परीक्षण के विभिन्न चरणों में इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए की जाती है । सुरक्षा और प्रभाव की डेटा की जांच के आधार पर मंजूरी के बाद ही नियामक निकायों द्वारा वैक्सीन लगायी जायेगी ।

कोविड वैक्सीनेशन के लिए पहले होगा पंजीकरण:
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ देशराज ने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन के लिए पात्र लाभार्थियों को पहले पंजीकरण कराना होगा ।

उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से वैक्सीनेशन और उसके निर्धारित समय के बारे में स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा सूचित किया जायेगा । पंजीकरण के लिए फोटो के साथ पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा ।

डॉ देशराज ने बताया कि जल्द ही सब की यूनिक हेल्थ आईडी बन कर तैयार होगी, जिसको बाद में आधार से लिंक किया जायेगा और कोविड टीकाकरण का भी उसमे विवरण दिया जायेगा|

पंजीकरण के लिए देने होंगे फोटो पहचान पत्र:

• आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आइडी एवं पैन कार्ड
• पासपोर्ट, जॉब कार्ड, पेंशन दस्तावेज, मनरेगा कार्ड
• स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
• सांसदों, विधायकों, एमएलसी को जारी आधिकारिक प्रमाण पत्र
• बैंक, पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी पासबुक
• केंद्र, राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा आईडी कार्ड

इन कारणों से जरूरी है पंजीकरण व कागजात:

कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण के कोरोना वैक्सीन नहीं प्राप्त कर सकता है । कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण के बाद ही सत्र स्थल और समय की जानकारी दी जायेगी । फोटो आईडी पंजीकरण और सत्यापन दोनों के लिए जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इच्छित व्यक्ति को वैक्सीन लगाया गया है ।

ऑनलाइन पंजीकरण के बाद लाभार्थी को वैक्सीनेशन की नियत तिथि, स्थान और समय के बारे में मोबाइल पर एसएमएएस प्राप्त होगा । कोरोना वैक्सीन की उचित खुराक मिलने पर लाभार्थी को उनके मोबाइल नंबर पर एक क्यूआर कोड आधारित प्रमाण पत्र भी भेजा जायेगा ।

इन सावधानियों का भी करना होगा पालन:

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ हुसैन खान ने बताया कि कोरोना वैक्सीन लेने के बाद कम से कम आधे घंटे तक वैक्सीनेशन केंद्र में स्थापित ऑब्जरवेशन रूम आराम करना चाहिए ।

यदि बाद में कोई असुविधा या बेचैनी महसूस होती है तो निकटतम स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम और आशा को इसकी सूचना दें । कोरोना अनुरूप व्यवहारों जैसे मास्क पहनना, हाथ की सफाई और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाये रखने का पालन करें ।

मधुमेह व उच्च रक्तचाप पीड़ित के लिए जरूरी:

यदि कोई कैंसर मधुमेह, उच्च रक्तचाप व् अन्य जानलेवा बीमारियों से ग्रसित की दवा ले रहा है तो वह भी कोरोना वैक्सीन ले सकता है । इनमें से एक या एक से अधिक स्वास्थ्य परिस्थितियों वाले व्यक्तियों को एक उच्च जोखिम वाली श्रेणी माना जाता है । कोविड संक्रमितों को ठीक होने के बाद वैक्सीन लगाईं जा सकती है|

28 दिनों के अन्तराल पर लेनी होगी दूसरी खुराक:

कोरोना वैक्सीन व्यक्ति की रजामंदी के बाद ही दिया जाना है । यद्यपि. स्वयं की सुरक्षा और बीमारी के प्रसार को सीमित करने के लिए कोरोना वैक्सीन आवश्यक भी है । साथ ही वैक्सीन की पूरी खुराक पूरा करने के लिए 28 दिन के बाद एक व्यक्ति द्वारा इसकी 2 खुराक लेने की सलाह दी गयी है ।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह स्पष्ट भी किया है कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक प्राप्त करने के दो सप्ताह बाद आमतौर पर एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक स्तर विकसित होता है ।