कोरोना वैक्सीन पर रूस का बड़ा झूठ, जानिये क्या है पूरा सच

एजेंसी : सोमवार को रूस के द्वारा कोरोना वैक्सीन बना लेने की खबर सामने आयी थी. इस खबर के सामने आते ही लोग खुश भी हुए और उन्हें हैरानी भी हुई.

खुश इसलिए क्योंकि पूरी दुनिया कोरोना की सफल वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार कर रही है. हैरान इसलिए क्योंकि जितनी भी वैक्सीन बन रही हैं, उन सबकी व्यापक रूप से निगरानी और रिपोर्टिंग की जा रही है, और रूस की यह वैक्सीन कभी भी रेस में थी ही नहीं.

तो क्या ये मान लेना चाहिए कि रूस ने एक सफल वैक्सीन बना ली है? इसका जवाब है- ‘नहीं’. रूस ने सिर्फ 18 लोगों पर ट्रायल का पहला चरण पूरा किया है. इस वैक्सीन के आने में अभी लंबा समय लगने वाला है.

भ्रम पैदा कर रही है अधूरी खबर

यह खबर मूल रूप से रूस की न्यूज एजेंसी “Tass ” के जरिये सामने आई थी. यह रिपोर्ट कहती है, “रिसर्च पूरा हो गया है और यह साबित हुआ है कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है”.

लेकिन खबर में यह नहीं बताया गया कि यह वैक्सीन के पहले चरण का ह्यूमन ट्रायल था. किसी भी वैक्सीन का इंसानों पर तीन चरण का ट्रायल होता है, उसके बाद इसे आम जनता के लिए प्रयोग करने की अनुमति दी जाती है.

इस खबर की अस्पष्टता भारत में और ज्यादा बढ़ गई, क्योंकि रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी “Sputnik News ” ने भी यह अधूरी खबर प्रसारित की और भारत में रूसी दूतावास ने भी इस बारे में ट्वीट किया.

रुसी वैक्सीन की क्या है वास्तविक स्थिति ?

रूसी वैक्सीन के बारे में छपी सभी खबरों में दावा किया गया है कि मॉस्को में Sechenov यूनिवर्सिटी ने ट्रायल पूरा कर लिया है.

पर जब इसकी वेबसाइट पर देखा गया तो पाया कि यहां 10 जुलाई को प्रकाशित एक खबर में साफ कहा गया है कि “टेस्टिंग के पहले चरण के बाद वैक्सीन डेवलपर एक रिपोर्ट तैयार करेंगे.

स्टडी के अगले चरणों में अधिक लोगों पर प्रयोग किया जाएगा”. इसका मतलब यह हुआ कि ट्रायल पूरा होने में अभी वक़्त है और यह सिर्फ पहला चरण था.

फिलहाल जितनी भी वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है, उन सभी के बारे में विस्तृत जानकारी यूनाइटेड स्टेट्स नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर मौजूद है.

इस वेबसाइट की सूची में रूस की यह वैक्सीन “Gam-COVID-Vac Lyo” नाम से मौजूद है, जिसे Gamalei इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित किया जा रहा है. वेबसाइट स्पष्ट तौर पर कहती है​ कि ​मौजूदा वक्त में यह वैक्सीन ट्रायल के पहले चरण में है.

13 जुलाई तक अमेरिका, ब्राजील और भारत के बाद रूस दुनिया में कोरोना से चौथा सबसे प्रभावित देश है. कोरोना वायरस के कारण अब तक रूस में 11,439 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

द न्यूयॉर्क टाइम्स वैक्सीन-ट्रैकर के अनुसार, अब तक तीन वैक्सीन ऐसी हैं जो ट्रायल के अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और इन तीनों से सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं.

इनमें से एक वैक्सीन ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी मिलकर तैयार कर रही हैं.