December 4, 2020

हाथरस केस में SC का फैसला: अभी दिल्ली ट्रांसफर नहीं होगा केस,HC करेगी निगरानी

उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की दलित लड़की से हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल मामले का ट्रायल यूपी से बाहर नहीं होगा. इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले की निगरानी करेगा और सीबीआई कोर्ट को रिपोर्ट करेगी.

इसके अलावा पीड़ितों व गवाहों की सुरक्षा पर भी हाईकोर्ट ध्यान देगा. सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित परिवार ने अपील की थी कि इस मामले का ट्रायल दिल्ली में हो. अदालत ने कहा कि मामले की जांच के बाद कोर्ट तय करेगा कि केस का ट्रांसफर उत्तर प्रदेश से दिल्ली किया जाए या नही किया जायेगा.

इससे पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमणियन की बेंच ने एक जनहित याचिका और कार्यकर्ताओं तथा वकीलों की ओर से दायर कई अन्य हस्तक्षेप याचिकाओं पर 15 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

याचिकाओं में दलील दी गयी थी कि उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, क्योंकि कथित तौर पर जांच बाधित की गयी.

बता दें कि हाथरस में एक दलित लड़की से कथित तौर पर गैंगरेप किया गया था. कथित दरिंदगी के बाद लड़की की जीभ काट दी गई थी और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई थी.

नई दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस मामले से जुड़ी याचिकाओं में दलील दी गयी थी कि उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, क्योंकि कथित तौर पर जांच बाधित की गयी.

गौरतलब है कि हाथरस के एक गांव में दलित लड़की के साथ बीते 14 सितंबर को चार युवकों द्वारा कथित तौर पर गैंगरेप किया गया था. उसकी हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया.

परिवार का कहना है पुलिस ने देर रात जबरन लड़की का अंतिम संस्कार करा दिया. हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि अंतिम संस्कार ‘परिवार की इच्छा के अनुसार किया गया.’ फिलहाल इस मामले में सीबीआई की जांच जारी है.