जरूरतमंदों तक हरसंभव मदद पहुंचा रहीं है लखनऊ एसडीएम रोशनी

मुख्य बातें

  • परिवार को भूलकर निभा रही फर्ज
  • कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी के आगे छोटे भाई-बहनों तक का नहीं रख पा रहीं हैं ख्याल

लखनऊ : लॉक डाउन के बीच शहर की जनता को कोई भी समस्या न होने पाए इसके लिए प्रशासन के तमाम अधिकारी जी-जान से अपने फर्ज को अदा करने में जुटे हुए हैं। न ड्यूटी पर जाने का कोई समय रहता है न लौटने का समय । इन सब के बीच अगर कुछ है तो ज्यादा से ज्यादा लोगों की समस्याओं का समाधान करने का दृढ़ संकल्प।

लखनऊ डीएम ऑफिस से सम्बद्ध 2016 बैच की एसडीएम रोशनी यादव अपने घर में सबसे बड़ी हैं। उनके मां-बाप गांव में हैं और शहर में उनके छोटे भाई-बहन साथ में रहते हैं जिनकी देख-रेख की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के ऊपर है।

वे डीएम कंट्रोल रूम में आने वाली शहरवासियों की सैकड़ों समस्याओं को सुन रहीं हैं साथ ही साथ उनका त्वरित समाधान भी निकाल रहीं हैं।

समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी को कार्रवाई के लिए तुरंत दिशा-निर्देश जारी करती हैं। इसके बाद शिकायतकर्ता को कॉल कर उनसे पता भी करतीं हैं कि उनकी समस्या का समाधान हुआ कि नहीं।

ये सिलसिला लगातार चल रहा है और फर्ज के आगे वे अपने छोटे भाई-बहनों की भी देख-रेख नहीं कर पा रहीं है। वे घर इतना देर से पहुंचती हैं कि तब तक सब सो जाते हैं और सुबह ड्यूटी पर भी जल्दी निकलना होता है।

इस बीच वे व्यक्तिगत रूप से भी जरूरतमंदों की हरसंभव मदद कर रहीं हैं फिर चाहे वो खाद्य सामग्री पहुंचाना हो या फिर मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाना हो।