डॉक्टर्स डे पर विशेष: कोरोना काल में लोगों के बचाव में तत्पर हैं डॉक्टर्स

मुख्य बातें

  • मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती, मिलकर कर रहे है इससे पार- सीएमओ
  • अंधेरे के बाद उजाला होता है इसी उम्मीद से परिवार दे रहा है साथ- डॉ॰ जैन

झाँसी : 30 वर्ष से डॉक्टर के पेशे में कार्यरत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ जी के निगम ने जब जनपद के सीएमओ पद का कार्यभार संभाला तो उसके साथ उन्हे नयी ज़िम्मेदारी तो मिली ही साथ ही कोरोना जैसी महामारी से निपटने का कार्यभार भी उनके कंधे आ गया।

अपनी ज़िम्मेदारी को निभाते हुये मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि शुरुआत से ही वह प्रशासन में रहे हैं , तो कोरोना से बचाव की ज़िम्मेदारी ने ऐसा कुछ बदला नहीं है। बशर्ते पूरा समय कोरोना से बचाव के कार्य में ही जा रहा है, इससे पहले वह जनपद के ही जिला अस्पताल में कार्यरत थे।

सीएमओ बताते है कि डॉक्टर्स चाहे जांच या उपचार में या मैनेजमेंट में, वह सभी जगह कोरोना से बचाव के लिए तत्पर खड़े है, हालांकि मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती है लेकिन सभी लोग मिलकर इसके लिए संयुक्त रूप से प्रयासरत है।

ऐसे ही मैनेजमेंट से जुड़े एक और डॉक्टर जिन्हे सीएमओ विभाग की रीढ़ की हड्डी बताते है वह है अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ एन के जैन।

मानव सेवा ही दुनिया का सबसे बड़ा धर्म है, डॉक्टर का प्रॉफ़ेशन ही सीधे मानव जीवन से जुड़ा हुआ है, उनके लिए कार्य करने में एक संतुष्टि मिलती है जो शायद किसी और प्रॉफ़ेशन में मुझे न मिलती, इस विचार के साथ ही अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ एन के जैन ने डॉक्टर की पढ़ाई की थी।

पिछले 23 साल से इस लाइन में कार्य कर रहे डॉ॰ जैन ने अपने करियर की शुरुआत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर के पद से की, इसके बाद वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आए, फिर जिला अस्पताल और अब एडिशनल सीएमओ के पोस्ट पर पिछले 7 सालों से झाँसी में कार्यरत है।

डॉ॰ एन के जैन बताते है कि डॉक्टर के पेशे में हर समय कोई न कोई चुनौती बनी ही रहती है, कई बार ऐसे लोग भी होते है जो आपके खिलाफ होते है, लेकिन हमे उस भावना को अलग रख समर्पण के भाव से उनका इलाज करना होता है।

मानव सेवा ही अपना धर्म मानने वाले डॉ॰ एन के जैन बताते है कई बार समय की चिंता किए बिना जरूरत पड़ने पर मासूमों की मदद करने के लिए तैयार वह तैयार रहते है।

वर्तमान समय में कोविड एक अलग ही चुनौती के रूप में सामने आया है, जब से यह संकट आया है तब से ज़्यादातर समय काम को ही समर्पित है, डॉ॰ जैन का मानना है कि हर अंधेरे के बाद उजाला होता है.

इसी उम्मीद में वह कार्य कर रहे है कि ऐसे ही यह कोविड का समय भी निकल जाएगा, परिवार भी इसी सोच के साथ सपोर्ट कर रहा है।

कंटेनमेंट ज़ोन में मोबाइल टेस्टिंग सेंटर और 800 सर्विलेंस टीम बनाने की चल रही प्रक्रिया

सीएमओ ने बताया जनपद में कोरोना की स्थिति को देखते हुये अब कंटेनमेंट ज़ोन में मोबाइल टेस्टिंग सेंटर बनाए जाएंगे। जिससे कि वही के वही लोगों की जांच की जा सके।

वही डॉ॰ जैन बताते है कि अभी विभाग के कर्मचारी भी कोरोना से संक्रमित हो रहे है, इसके लिए कार्यालय में भी कोरोना हेल्प डेस्क शुरू कर दिया गया है, डेली स्क्रीनिंग हो रही है, इसके लिए एक एप भी बनाया जा रहा है। जनपद में करीब 800 टीम बना दी गयी है। जो अब सभी जगह स्क्रीनिंग करेंगी।