April 17, 2021

सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, मामले को बताया गंभीर

नई दिल्लीी : सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए आईपीएस अधिकारी परमबीर सिंह से हाई कोर्ट में याचिका दायर करने को कहा है। सिंह ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर अवैध उगाही का आरोप लगायाा हैैे।

आईपीएस परमबीर सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस मामले परमबीर सिंह अब बॉम्बे हाई कोर्ट जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की अनुमति दे रहे हैं.

कोर्ट ने कहा कि इन्होंने हाई कोर्ट में कल ही सुनवाई की मांग की है. अगर यह आवेदन देते हैं तो हाई कोर्ट देखे कि सुनवाई कब हो सकती है.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह के वकील मुकुल रोहतगी से सवाल किया कि आप सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आए, हाई कोर्ट क्यों नहीं गए.

इस पर रोहतगी ने कहा कि हम हाई कोर्ट चले जाएंगे आप कल सुनवाई का आदेश दीजिए.

जानिए केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ‍में ‍क्या-क्या हुआ ?

  • सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि ‘हमे संदेह नहीं कि यह मामला बेहद गंभीर है। हाई कोर्ट जाने की छूट दी जाती है।’ अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के अनुसार वे आज ही हाई कोर्ट में याचिका लगाएंगे और चाहेंगे कि मामला कल सुना जाए। इस बारे में हाई कोर्ट से ही गुजारिश करनी होगी।
  • जस्टिस कौल ने कहा कि वह (याचिकाकर्ता) कुछ आरोप लगा रहे हैं और मंत्री भी कुछ आरोप लगा रहे हैं। मुझे नहीं समझ आता कि आपको हाई कोर्ट क्‍यों नहीं जाना चाहिए। हम मानते हैं कि मामला गंभीर है लेकिन आर्टिकल 226 की शक्तियां काफी विस्‍तृत हैं। रोहतगी अदालत से दरख्‍वास्‍त करते हैं कि हाई कोर्ट को कल मामले पर सुनवाई करने का निर्देश दिया जाए क्‍योंकि सीसीटीवी सबूत शामिल हैं।
  • रोहतगी ने आर्टिकल 32 के तहत याचिका दायर करने पर तर्क देते हुए कहा कि यह देश के लिए जनहित का गंभीर मुद्दा है। एक पुलिस अधिकारी को प्रशासनिक आधार पर ट्रांसफर किया गया लेकिन गृहमंत्री ने खुद टीवी पर कहा कि यह एक प्रशासनिक ट्रांसफर नहीं था। कोर्ट ने इससे कम अहम मुद्दों पर आर्टिकल 32 की याचिकाओं को सुना है।
  • रोहतगी ने कहा पूरा राज्‍य हिल गया है। पुलिस सुधार नहीं हुए हैं। जस्टिस कौल ने कहा कि यह तो केवल इसी राज्‍य की बात नहीं है। उत्‍तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्‍य प्रदेश… हर जगह यही हाल है। मुझे लगता है कि गंभीर मामला है लेकिन हाई कोर्ट इसे देख सकती है।
  • सिंह की तरफ से वरिष्‍ठ वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए। जस्टिस एसके कौल ने पूछा कि याचिका आर्टिकल 32 के तहत क्‍यों डाली गई, 226 क्‍यों नहीं? दूसरा जिस व्‍यक्ति के खिलाफ याचिका है, उसे पार्टी तक नहीं बनाया गया है। इसपर रोहतगी ने कहा कि उन्‍हें (देशमुख) को पार्टी के तौर पर जोड़ने की याचिका दाखिल कर चुके हैं।

गौरतलब है कि परमबीर सिंह को मशहूर कारोबारी मुकेश अंबानी के घर के पास विस्‍फोटक सामग्री मिलने और पुलिस अधिकारी सचिन वझे की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस कमिश्‍नर के पद से हटा दिया गया था। उन्‍होंने अपनी याचिका में होमगार्ड डीजी के पद पर ट्रांसफर किए जाने को भी चुनौती दी है।