August 16, 2022

लखनऊ-दिल्ली हाईवे का टेंडर किया जा सकता है रद्द,काम में हो रही है बड़ी लापरवाही

लखनऊ : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने लखनऊ-दिल्ली हाईवे (एनएच-30) की धीमी प्रगति पर सख्त रुख अपनाया है।

एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने कहा कि हाईवे के निर्माण की प्रगति उम्मीद के हिसाब से बिल्कुल भी नहीं है। यहां काम बहुत धीरे धीरे चल रहा है। 

अगर ठेकेदार ने तत्काल काम में तेजी नहीं दिखाई तो टेंडर रद्द किया जा सकता है। सप्ताह भर के अंदर इस पर निर्णय लेकर काम किसी सरकारी एजेंसी को सौंपा जा सकता है।

बता दें कि लखनऊ-दिल्ली हाईवे (एनएच-30), लखनऊ को सीतापुर, लखीमपुर खीरी के ग्रामीण क्षेत्र, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद और अमरोहा को दिल्ली से जोड़ने वाली मुख्य सड़क है।

सीतापुर और बरेली के बीच 510 किलोमीटर लंबी इस सड़क का 157 किलोमीटर लंबा हिस्सा एक दशक से भी अधिक समय से बहुत खराब स्थिति में है।

मार्च 2021 तक इस सड़क का निर्माण पूरा करना था, लेकिन अभी तक काम की प्रगति मात्र 40 प्रतिशत है।

कोविड के कारण दिसंबर तक मिले अतिरिक्त समय के हिसाब से भी देखें तो अभी तक 70 फीसदी से ज्यादा प्रगति होनी चाहिए।

लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। इससे साफ पता चलता है कि काम कितनी लापरवाही से किया जा रहा है। जिस तरह से काम चल रहा है उसे देखते हुए इस लक्ष्य के पूरे होने के असर दिसंबर के आस पास भी नहीं लग रहे है।

एनएचएआई के अधिकारी यह मान रहे हैं कि जिस धीमी गति से काम हो रहा है, उससे मार्च 2022 तक भी काम पूरा होता नहीं नज़र आ रहा है।

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