भ्रष्टाचारी ए.के. मित्तल को दिया गया राम मंदिर बनाने का ठेका

उत्तर प्रदेश : करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक अयोध्या के राम मंदिर के निर्माण की तैयारियां जोरों पर हैं मंदिर निर्माण के लिये 5 अगस्त को भूमि पूजन भी होने वाला है और ये राम मंदिर कैसा बनेगा उसकी झलक भी देखने को मिलने लगी है।

राम मंदिर निर्माण प्रक्रिया शुरुआत से ही विवादों के घेरे में आ गई है । विवाद निर्माण प्रोजेक्ट के दिये गये ठेके के बारे में है । दरअसल निर्माण प्रोजेक्ट का ठेका ऐसे व्यक्ति को दिया गया है जिस पर पहले से ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं ।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राम मंदिर निर्माण का ठेका ए.के. मित्तल को दिया गया है. और ए.के. मित्तल पर पहले से कई प्रोजेक्ट्स में गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप लग चुके हैं तथा उन आरोपों के लिए सीबीआई जांच चल रही है ।

ए.के. मित्तल को ठेका देने पर आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट करके बीजेपी की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं । उन्होंने कहा है कि इस तरह से राम मंदिर की आधारशिला ही भ्रष्टाचार के ऊपर खड़ी की जा रही है । राम मंदिर बनाने का प्रोजेक्ट उस शख़्स को सौंपा गया है जो पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है.

बता दें कि 2150 करोड़ रुपए के ITPO कॉम्प्लेक्स घोटाले में CBI जाँच में दोषी पाए जाने पर मित्तल को सर्विस से बर्खास्त कर दिया गया था.

हैरानी की बात है कि मंदिर की राजनीति कर सत्ता पाने वाली पार्टी अब मंदिर बनाने की ज़िम्मेदारी जिस शख़्स को दे रही है, इतिहास उसे माफ़ नहीं करेगा।

एक पवित्र राम मंदिर के निर्माण का प्रोजेक्ट एक भ्रष्ट व्यक्ति को सौपा गया आस्था से लबरेज भव्य राम मंदिर की बुनियाद एक भ्रस्टाचारी के हाथ मे दे दी गयी थी ये बात इतिहास मे हमेशा के लिये दर्ज रहेगी