October 31, 2020

भारत बंद का बिहार में दिख रहा असर, सड़क जाम के साथ कई जगह आगजनी

नई दिल्ली : आज किसानों ने कृषि बिल के खिलाफ भारत बंद का आगाज़ कर दिया है. भारतीय किसान यूनियन समेत विभिन्न किसान संगठनों ने देशभर में चक्का जाम करने का ऐलान किया है. बिहार में किसानों का प्रदर्शन सुबह से ही शुरू हो गया. 

इसमें 31 संगठन शामिल हैं. किसानों को कांग्रेस, RJD, समाजवादी पार्टी, अकाली दल, AAP, TMC समेत कई पार्टियों का समर्थन है. 

बिहार के हाजीपुर में बंद का खासा असर देखने को मिल रहा है. प्रदर्शनकारियों ने गांधी सेतु के निकट NH-19 पर जाम लगा दिया और आगजनी की. बंद समर्थक सडकों पर टायर जलाकर नारेबाजी करते देखे गए.

गांधी सेतु के निकट कृषि बिल के विरोध में बैनर पोस्टर के साथ प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की. पप्पू यादव की पार्टी जन अधिकार पार्टी के समर्थकों ने सड़क पर आगजनी की और राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया.

उत्तर बिहार की लाइफ लाइन गांधी सेतु के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई. हाईवे पर लंबा जाम लग गया. 

RJD के सांसद मनोज कुमार झा ने भी किसानों के पक्ष में आवाज उठाई है. उन्होंने कहा कि जब-जब संसद एक बेजान इमारत में तब्दील की जाती है, तब-तब सड़कें और खेत खलिहान रोशन हो उठते हैं. खेतिहर समाज का हर हिस्सा अब सांसद है. सवाल तो पूछेगा.

कृषि बिल बनेगा चुनावी मुद्दा

बता दें कि आज चुनाव आयोग बिहार चुनाव को लेकर बैठक करने वाला है. 12.30 बजे चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. माना जा रहा है कि चुनाव आयोग चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा.

इसके साथ ही बिहार में हलचल और बढ़ जाएगी. कृषि बिल के रूप में विपक्ष को बैठे-बिठाए एक मुद्दा मिल गया है. वह इसके सहारे किसानों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश में जुट गया है.

जिसके चलते आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि CAA-NRC बिल के पक्ष में वोटिंग करने के बाद दिखावटी विरोध करना, किसानों का जीवन तबाह करने वाले कानून के पक्ष में वोटिंग कर अब खामियां गिनवा रहे हैं.

आरजेडी तीनों किसान विरोधी कानूनों का विरोध कर रही है. इसके विरोध में आज बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर पार्टी प्रदर्शन करेगी. 

तेजस्वी ने ट्रैक्टर रैली निकालकर किया विरोध

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कृषि बिल के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकाली है. इस दौरान तेजस्वी ने कहा कि सरकार ने हमारे ‘अन्नदाता’ को ‘निधि दाता’ के माध्यम से कठपुतली बना दिया है.

कृषि बिल किसान विरोधी है. सरकार ने कहा था कि वे 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करेंगे, लेकिन ये बिल उन्हें और गरीब बना देगा.