जिले एवं ब्लॉक स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों/बीपीएम को जूम एप के जरिए दिया गया प्रशिक्षण

प्रवासी मजदूरों, निगरानी समिति एवं एचबीएनसी वीएचएनडी सत्रों पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

ललितपुर : कोविड–19 के दौर में ‘संचार में चुनौतियाँ एवं उसके निराकरण विषय’ पर एक वर्चुअल कार्यशाला आयोजित की गयी।

उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई (यूपीटीएसयू), यूनीसेफ और सेंटर फार एडवोकेसी एण्ड रिसर्च (सीफॉर) के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में जिले के स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी एवं प्रभारी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया|

कार्यशाला में संचार की महत्वता को समझाते हुये यूनिसेफ़ से भाई शैली ने बताया कि इस समय ऐसे संदेशों को ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करना चाहिए जो देश हित में।

मीडिया में छा रहे कोरोना योद्धा के बारें में बताते हुये उन्होने कहा कि आज के समय में वह हर एक व्यक्ति कोरोना योद्धा है जो कोविड-19 से बचाव के तरीकों को गंभीरता से निभाता है, हम ऐसे हर एक व्यक्ति पर स्टोरी कर सकते है।

यूपीटीएसयू से डॉ. शालिनी रमन ने दुबारा शुरू हुई आरएमएनसीएच की सेवाओं को चालू करने में क्या सावधानियाँ रखे इस पर चर्चा की। उन्होंने बताया आशाओं एएनएम द्वारा एचबीएनसी एवं वीएचएनडी सत्रों के दौरान किस तरह अपना बचाव करना है |

सीफॉर की नेशनल प्रोग्राम लीड रंजना द्विवेदी ने बताया कोविड-19 के दौरान कैसे संवेदनशील भाषा और व्यवहार पर ध्यान दे और किन मुद्दों को मीडिया साझा करे इस पर बात के साथ ही पिछले 6 माह के मीडिया ट्रेंड के बारें में बताया।

साथ ही उन्होंने बताया सही जानकारी लोगों तक पहुचाना बहुत जरुरी है और किसी भी तरह की भ्रामक खबरों को नहीं फैलने देना चाहिए|

होम क्वारंटाइन पर विशेष ध्यान की जरुरत

प्रशिक्षणकर्ता निर्मल ने बताया कि होम क्वारंटाइन पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है। अगर कोई भी व्यक्ति होम क्वारंटाइन छोड़कर कहीं बाहर निकलता है तो उसको समझाएं। नहीं समझता है तो अन्य जरुरी कार्यवाही करें।

इसमें निगरानी समिति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैऔर समिति के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया| साथ ही उन्होंने बताया प्रवासी मजदूरों के साथ किसी भी तरह का भेद भाव नहीं किया जाये|

क्या कहते हैं कार्यशाला के प्रतिभागी

कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाली स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रीना गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला में विशेषज्ञों के द्वारा जो जानकारियां दी गई हैं वह काफी महत्वपूर्ण हैं। इन्हें जमीनी स्तर पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।

तालबेहट ब्लाक के स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हेमंत बताते है प्रशिक्षण में सही जानकारी का लोगों तक पहुचना कितना जरुरी है और साथ ही लोगों को अफवाह और गलत जानकारी को फैलने से रोकने के बारे में भी बताया गया|

उन्होंने बताया प्राप्त जानकरी को सरल भाषा में करके जल्द ही आशाओं की ट्रेनिंग सुनिश्चित कराएँगे| प्रभारी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जखौरा अतुल दुबे बताते है कि प्रशिक्षण में प्रवासी मजदूरों पर निगरानी करने के लिए बनाई गयी निगरानी समिति को किस तरह से कार्य करना है इसके बारें में महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी|