December 5, 2020

कायाकल्प कार्यक्रम के तहत जिले के 2 राजकीय चिकित्सालयों व 4 स्वास्थ्य केन्द्रों को मिला अवार्ड

मुख्य बातें

  • बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन इत्यादि के लिए किया गया पुरस्कृत
  • डीडीयू चिकित्सालय, चोलापुर सीएचसी को लगातार चौथी एवं बड़ागांव पीएचसी को तीसरी बार मिला पुरस्कार

वाराणसी : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कायाकल्प कार्यक्रम के तहत वर्ष 2019-20 के लिए हाल ही में जिले के दो राजकीय चिकित्सालय पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) राजकीय चिकित्सालय एवं श्री शिव प्रसाद गुप्त (एसएसपीजी) मंडलीय चिकित्सालय, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चोलापुर, दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बड़ागांव और हरहुआ एवं एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (अर्बन पीएचसी) मँड़ुआडीह को अवार्ड दिया गया ।

डीडीयू अस्पताल और ‘मिनी जिला अस्पताल’ के रुप में प्रचलित चोलापुर सीएचसी नित्य नये-नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। लगातार पिछले चार वर्षों से डीडीयू अस्पताल और चोलापुर सीएचसी एवं तीन वर्षों से बड़ागांव पीएचसी को पुरस्कृत किया जा रहा है।

मंडलीय अपर निदेशक डॉ बीएन सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वी बी सिंह और मंडलीय सलाहकार क्वालिटी एश्योरेंस डॉ आरपी सोलंकी के निर्देशन में और राजकीय चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य केन्द्रों की ओर से किए गए प्रयासों से कायाकल्प कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा निर्धारित छह मानकों को पूरा कर अवार्ड हासिल हुआ है।

मंडलीय सलाहकार डॉ आरपी सोलंकी ने बताया कि कायाकल्प कार्यक्रम के तहत वर्ष 2019-20 के लिए जिले के डीडीयू अस्पताल को 80.3 प्रतिशत, एसएसपीजी को 74.4 प्रतिशत, चोलापुर सीएचसी को 80.7 प्रतिशत, बड़ागांव पीएचसी को 85.6 प्रतिशत, हरहुआ पीएचसी को 74.4 प्रतिशत और मँड़ुआडीह अर्बन पीएचसी को 73.3 प्रतिशत अंक हासिल हुये हैं।

पुरस्कृत धनराशि के रूप में डीडीयू अस्पताल को 3.5 लाख रुपये, एसएसपीजी को 3 लाख रुपये, चोलापुर सीएचसी को 1.5 लाख रुपये, बड़ागांव पीएचसी को 2 लाख रुपये, हरहुआ पीएचसी को 50 हजार रुपये सरकार द्वारा प्राप्त हुये हैं।

डॉ सोलंकी ने बताया कि चिकित्सा इकाइयों और स्वास्थ्य केन्द्रों का नामांकन आंतरिक, सहकर्मी एवं बाहरी मूल्यांकन के अंतर्गत तीन चरणों मे किया गया।

इन चरणों के माध्यम से सभी बिन्दुओं जैसे – मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, समर्थन तथा स्वच्छता को बढ़ावा देना पर स्वास्थ्य केंद्र का मूल्यांकन किया गया जिसमे आंतरिक मूल्यांकन का निरीक्षण स्थानीय टीम दवारा, सहकर्मी मूल्यांकन का निरीक्षण राज्य स्तरीय टीम द्वारा किया गया।

उन्होने कहा कि भविष्य में स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य एवं पूरा प्रयास है कि प्रमुख रूप से सेवापुरी पीएचसी व शेष चिकित्सा इकाइयों और स्वास्थ्य केन्द्रों को भी सभी मानकों को पूरा करते हुये कायाकल्प कार्यक्रम के लिए चयनित किया जाए ।

डॉ सोलंकी ने बताया कि राजकीय जिला महिला चिकित्सालय (77.59%) और बड़ागांव पीएचसी (83.59%) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन (एनक्वास) के लिए भारत सरकार द्वारा राज्य स्तर से अंतिम असिस्मेंट के लिए अनुरोध पत्र भेजा जा चुका है जो जल्द ही पूरा किया जाएगा।

क्या हैं कायाकल्प

कायाकल्प के तहत सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने एवं उनकी गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है जिससे संबन्धित स्वास्थ्य केन्द्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके। यह अवार्ड जिनको मिलता है वह बाकी सभी अस्पताल के लिए एक बेहतर रोल मॉडल का काम करते हैं।