यूपी : टीईटी की वैधता होगी आजीवन,योगी सरकार ने लगाई मुहर

यूपी : बुधवार को यूपी सीएम योगी ने कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 के साथ बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की और जरूरी दिशा निर्देश दिए।

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) का प्रमाणपत्र को आजीवन वैधता देने के लिए हरी झंडी दिखा दी है। 

अब अभ्यर्थियों को एक बार परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद दोबारा देने की आवश्यकता नहीं होगी।

इस कदम से उन अभ्यर्थियों को विशेष राहत होगी, जो प्रमाणपत्र की अवधि पूरी होने से दोबारा परीक्षा देने की तैयारियों में जुटे थे। यूपी टीईटी का प्रमाणपत्र अभी तक पांच वर्ष तक ही मान्य रहा है।

टीईटी को लेकर केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के ऐलान के बाद नौ जून को एनसीटीई यानी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने इस संबंध में विज्ञप्ति जारी कर दी है।

नेशनल काउंसिलिंग की 50वीं बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया है कि 2011 से अब तक टीईटी के प्रमाणपत्र आजीवन मान्य होंगे।

राज्य सरकारें भी इस संबंध में निर्णय ले सकती हैं। केंद्र से आदेश जारी होने के बाद शासन ने भी परीक्षा संस्था से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा था।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय उत्तर प्रदेश प्रयागराज ने शासन को भेज दिया था।

बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ष में एक बार होती रही है। दस साल में आठ परीक्षाएं हो चुकी हैं और उनमें करीब 21 लाख से अधिक परीक्षार्थी सफल हुए हैं।

अभी तक यूपीटीईटी प्रमाणपत्र पांच वर्ष के लिए ही मान्य रहा है। इसके पहले 2012 में यूपीटीईटी नहीं हुई और 2020 की परीक्षा का नोटीफिकेशन इसी माह जारी होने के आसार हैं।