April 17, 2021

आपका स्मार्टफोन ही बनेगा अब कोरोना ट्रैकिंग डिवाइस

नई दिल्ली : Covid-19 को लेकर कई ऐप्स और वेबसाइट्स बन चुकी है. इन ऐप्स में सरकारी और प्राइवेट दो तरह के ऐप्स हैं.

लेकिन बता दें कि गूगल और अमेरिकी टेक कंपनी एप्पल दोनों मिलकर एक ऐसे कोरोना ट्रैकिंग सिस्टम पर काम कर रहे हैं जिससे आपका स्मार्टफोन ही कोरोना ट्रैकर में बदल जाएगा.

गूगल और ऐपल मिल कर कोरोना ट्रैकर आईफोन और एंड्रॉयड स्मार्टफोन में पुश करने की तैयारी में हैं. ऐपल iOS और Android वाले स्मार्टफोन्स दुनिया में सबसे ज्यादा हैं.

ऐसे में एंड्रॉयड और iOS बेस्ड में कोरोना ट्रैकर डायरेक्ट दिया जा सकता है. मई के शुरुआत में इन्हें अपडेट के लिए जारी किया जा सकता है.

ऐपल और गूगल द्वारा बनाया गया यह कोरोना ट्रैकर रोलिंग प्रॉक्सिमिटी पर काम करेगा जिसके तहत ब्लूटूथ से ट्रांसफर हो रही जानकारियों का सहारा लिया जाएगा.

स्मार्टफोन यूजर अगर कोरोना ट्रैकिंग प्रोग्राम को एनेबल रखता है और किसी कोरोना पीड़ित यूजर के आसा पास आता है तो इसे नोटिफिकेशन के जरिए इसकी जानकारी मिलेगी.

फर्स्ट स्टेज के तौर पर ऐपल और गूगल ऐप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेसेज (API) जारी करेंगी जो एंड्रॉयड और आईफोन के बीच अंतर करेगा.

सरकारी हेल्थ एजेंसियां इस API को कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ऐप्स के लिए यूज कर सकेंगे जिससे लोगों को ये अगाह किया जाएगा कि वो कोरोना पेशेंट के कॉन्टैक्ट में आए हैं.

हालांकि प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए दूसरे यूजर्स जिसे कोरोना के लक्षण हैं उनकी जानकारी अगले यूजर को तो मिलेगी, लेकिन ये कोडेड होगी.

अगर कोई क्लोज कॉन्टैक्ट कोरोना की चपेट में आता है तो वो या उनके डॉक्टर्स ये डीटेल्स सेंट्रल सिस्टम में अपलोड करेंगे जो हेल्थ मिनिस्ट्री मैनेज करती है.